बांग्लादेश में छात्र नेता पर गोलीबारी, राजनीतिक तनाव बढ़ा – Bangladesh violence
बांग्लादेश में राजनीतिक हिंसा का दौर जारी है। पिछले साल के हिंसक छात्र आंदोलन से जुड़े शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद एक और छात्र नेता को सिर में गोली मार दी गई है, जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
अज्ञात बंदूकधारियों ने सोमवार को नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) से जुड़े मोतलेब सिकदर पर खुलना शहर में दिन-दहाड़े हमला किया। इंकलाब मंच के नेता हादी को भी इसी तरह ढाका में एक चुनावी अभियान के दौरान नकाबपोश बंदूकधारियों ने सिर में गोली मारी थी, जिसके बाद सिंगापुर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
एनसीपी की संयुक्त प्रधान समन्वयक महमूदा मितु ने बताया कि सिकदर को गंभीर स्थिति में खुलना मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके सिर में बाईं ओर गोली लगी है और अत्यधिक खून बहने के कारण उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
बांग्लादेश में पिछले कुछ दिनों से जारी राजनीतिक हिंसा को चुनाव से पहले माहौल खराब करने की साजिश के तौर पर देखा जा रहा है। हादी की हत्या के बाद सरकार ने शांति बहाली के प्रयास किए थे, लेकिन एक और छात्र नेता पर हमले से लगता है कि कुछ तत्व अशांति फैलाना चाहते हैं।
पुलिस ने कहा है कि वे हमलावरों या उनके मकसद के बारे में अभी अनजान हैं, लेकिन गिरफ्तारी के लिए तलाश अभियान शुरू कर दिया गया है। हादी की हत्या के मुख्य संदिग्ध का पता लगाने में पुलिस को अभी तक सफलता नहीं मिली है, जबकि हादी की पार्टी ने सरकार को अल्टीमेटम दिया था।
इस बीच, बांग्लादेश में अवामी लीग के सदस्यों की हिरासत में मौत का सिलसिला भी जारी है। गाजीपुर केंद्रीय जेल से रिमांड पर ले जाने के दौरान एक और पार्टी नेता की मौत हो गई।
इसके अतिरिक्त, अल्पसंख्यक संगठनों ने सरकार पर अत्याचार रोकने में विफलता का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया है। हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक संगठनों ने दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या के विरोध में मानव श्रृंखला बनाई और सरकार को अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा रोकने में नाकाम बताया।
हालांकि, अधिकारियों ने दीपू चंद्र दास की हत्या और अन्य हिंसक घटनाओं से जुड़े 21 संदिग्धों की गिरफ्तारी की घोषणा की है। भारत-बांग्लादेश सीमा पर मवेशी तस्करी के प्रयास को विफल करने के दौरान गलती से बांग्लादेश में दाखिल हुआ सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का एक कांस्टेबल सुरक्षित भारत लौट आया है।
