शेख हसीना का आरोप: बांग्लादेश में हिंसा का बोलबाला, Yunus सरकार चरमपंथियों को दे रही बढ़ावा
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है और चरमपंथी ताकतों को बढ़ावा दे रही है। हसीना ने कहा कि उनके हटने के बाद से बांग्लादेश में हिंसा और अराजकता बढ़ गई है।
उन्होंने हाल ही में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या का हवाला दिया। हादी, जो पिछले साल के जुलाई विद्रोह से जुड़े थे, को 12 दिसंबर को ढाका में गोली मार दी गई थी। इलाज के दौरान 18 दिसंबर को उनकी मृत्यु हो गई, जिसके बाद पूरे बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। हसीना ने कहा कि यह घटना यूनुस सरकार के तहत व्याप्त अराजकता को दर्शाती है।
हसीना ने आरोप लगाया कि अंतरिम सरकार ने कट्टरपंथी इस्लामी तत्वों को बढ़ावा दिया है। उन्होंने दावा किया कि यूनुस ने कैबिनेट पदों पर चरमपंथियों को नियुक्त किया है और दोषी आतंकवादियों को जेल से रिहा कर दिया है। हसीना ने कहा कि यूनुस सरकार चरमपंथियों को सार्वजनिक जीवन में जगह दे रही है, जबकि वे खुद को उदारवादी दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री ने भारत-बांग्लादेश संबंधों के बिगड़ने पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यूनुस सरकार के तहत भारत विरोधी भावनाएं बढ़ी हैं और धार्मिक अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है। हसीना ने 27 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल बांग्लादेश की आंतरिक स्थिरता के लिए, बल्कि दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए भी खतरनाक है।
