भारत को ‘Deep Tech Superpower’ बनाने पर मुकेश अंबानी का बड़ा बयान, बताया क्या है उनका विजन
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने भारत को ‘डीप टेक सुपरपावर’ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि देश तब तक पूरी तरह समृद्ध नहीं हो सकता जब तक वह अपनी 80% ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर रहेगा। अंबानी ने यह बात सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. रघुनाथ माशेलकर के सम्मान में आयोजित एक कार्यक्रम में कही, जहां उन्होंने डॉ. माशेलकर को विज्ञान और उद्योग के बीच का सेतु बताया।
अंबानी ने अपने संबोधन में डॉ. माशेलकर और प्रोफेसर एम.एम. शर्मा को अपने जीवन का दिग्दर्शक बताया। उन्होंने साझा किया कि 1990 के दशक में जब उन्होंने रिलायंस को एक इनोवेशन-आधारित कंपनी बनाने का सपना देखा, तब इन्हीं दोनों दिग्गजों ने उन्हें ‘तकनीक खरीदने’ के बजाय ‘अपनी तकनीक विकसित करने’ के लिए प्रेरित किया। आज इसी मार्गदर्शन का परिणाम है कि रिलायंस के 5.5 लाख कर्मचारियों में से 1 लाख से अधिक टेक्निकल प्रोफेशनल्स हैं।
मुकेश अंबानी ने डॉ. माशेलकर के ‘गांधीयन इंजीनियरिंग’ के सिद्धांत पर जोर दिया, जिसका मंत्र है— “More from Less for More” (कम संसाधनों में अधिक लोगों के लिए अधिक मूल्य)। उन्होंने कहा कि यह सिद्धांत भारत के मंगल मिशन और जियो (Jio) की सफलता का आधार रहा है, जहां हमने तकनीक को वैश्विक स्तर पर सबसे किफायती बनाकर आम आदमी तक पहुँचाया। अंबानी ने कहा कि डॉ. माशेलकर की यात्रा सिखाती है कि शुरुआत कहाँ से हुई यह मायने नहीं रखता, बल्कि आपका सपना और मेहनत मायने रखती है।
