इटली के माउंट एटना ने बनाए ‘Volcano rings’, जानिए क्या है इसके पीछे का विज्ञान
इटली के सिसिली द्वीप पर स्थित माउंट एटना ज्वालामुखी (Mount Etna) ने हाल ही में आसमान में धुएं के शानदार छल्ले बनाकर दुनिया को हैरान कर दिया। ये छल्ले किसी पार्टी ट्रिक की तरह दिखते हैं, लेकिन ये प्रकृति की एक जटिल वैज्ञानिक घटना का परिणाम हैं। इन छल्लों को ‘ज्वालामुखी भंवर छल्ले’ (Volcanic Vortex Rings) कहा जाता है।
ये छल्ले वास्तव में धुआं नहीं होते, बल्कि गर्म पानी की वाष्प और ज्वालामुखी गैसों का मिश्रण होते हैं। जब ज्वालामुखी के अंदर से गर्म गैसें एक पूरी तरह से गोल वेंट (छिद्र) से तेजी से बाहर निकलती हैं, तो यह प्रक्रिया शुरू होती है। गैस का केंद्र भाग तेजी से आगे बढ़ता है, जबकि किनारों पर मौजूद गैस वेंट की दीवारों से घर्षण के कारण धीमी हो जाती है।
गति में इस अंतर के कारण गैस का प्रवाह अपने आप में मुड़ जाता है, जिससे एक घूमता हुआ डोनट जैसा आकार बनता है। यह निरंतर घूमना ही छल्ले को स्थिर रखता है और उसे सामान्य धुएं की तरह बिखरने से रोकता है। जैसे ही गर्म वाष्प ऊपर उठती है और ठंडी हवा के संपर्क में आती है, यह संघनित होकर छोटी बूंदों में बदल जाती है, जिससे छल्ला स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगता है।
माउंट एटना को इन छल्लों का विश्व चैंपियन माना जाता है, क्योंकि यह दुनिया के किसी भी अन्य ज्वालामुखी की तुलना में कहीं अधिक बार इन्हें बनाता है। इसके अलावा, पास के स्ट्रॉमबोली, जापान के साकुराजीमा या ग्वाटेमाला के पकाका जैसे कुछ अन्य ज्वालामुखी भी कभी-कभी यह अद्भुत नजारा पेश करते हैं।
