बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए हरियाणा सरकार को पंजाब मॉडल से सीखने की सलाह, अनुराग ढांडा का बयान
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा की भाजपा सरकार पर बाढ़ से प्रभावित किसानों के प्रति संवेदनहीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार राहत देने के बजाय नियम-कानून का बहाना बनाकर किसानों से मुंह मोड़ रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ दी है और फसलें तबाह हो चुकी हैं।
ढांडा ने पंजाब सरकार के ‘जिसका खेत, उसकी रेत’ नीति का उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाब में बाढ़ से खेतों में जमी रेत को किसान की संपत्ति मानकर उसे निकालने और बेचने की छूट दी गई है, जिससे किसानों को न केवल राहत मिली है, बल्कि अतिरिक्त आमदनी भी हो रही है। इस नीति से रेत की कीमतों में कमी आई है और अवैध खनन पर भी लगाम लगी है।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि हरियाणा में भाजपा सरकार किसानों की दुर्दशा पर संवेदना जताने के बजाय यह साबित करने में लगी है कि वह कुछ नहीं कर सकती। अगर पंजाब सरकार समाधान निकाल सकती है, तो हरियाणा सरकार क्यों नहीं? क्या हरियाणा के किसान भाजपा सरकार के लिए दूसरे दर्जे के नागरिक हैं?
ढांडा ने जोर देकर कहा कि प्राकृतिक आपदा में किसान को अकेला नहीं छोड़ा जा सकता। पंजाब सरकार का मॉडल इच्छाशक्ति होने पर नीति और राहत दोनों मिलने का प्रमाण है। उन्होंने हरियाणा की भाजपा सरकार से राजनीतिक अहंकार छोड़कर पंजाब मॉडल अपनाने और बाढ़ प्रभावित किसानों को तुरंत राहत देने की मांग की। आम आदमी पार्टी किसानों के हक की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी और भाजपा सरकार को उसकी किसान विरोधी नीतियों के लिए जवाबदेह बनाएगी।
