यूपी पंचायत चुनाव: 40 लाख नए वोटर जुड़े, स्थायी पहचान के लिए मिलेगा स्टेट वोटर नंबर
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 के लिए मतदाता सूची के वृहद पुनरीक्षण अभियान में 40.19 लाख नए मतदाता जोड़े गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 12.69 करोड़ हो गई है, जो 2021 में 12.29 करोड़ थी। इस पुनरीक्षण प्रक्रिया में विभिन्न कारणों से 1.41 करोड़ नाम हटाए गए और 1.81 करोड़ नाम जोड़े गए हैं। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 फरवरी को होगा।
इस बार चुनाव प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि प्रत्येक मतदाता को एक ‘स्टेट वोटर नंबर’ (एसवीएन) दिया जाएगा, जो पंचायत चुनावों में उनकी स्थायी पहचान के रूप में काम करेगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने बताया कि नए मतदाताओं में लगभग 15 लाख 18 वर्ष की आयु के हैं। 18 से 23 वर्ष आयु वर्ग के कुल मतदाताओं की संख्या 1.05 करोड़ है।
पुनरीक्षण कार्य के लिए पहली बार ईबीएलओ (EBLO) ऐप का उपयोग किया गया, जिससे घर-घर जाकर मतदाताओं की पहचान की गई। ऐप के माध्यम से 1.31 करोड़ से अधिक नाम जोड़े गए, 16 लाख से अधिक संशोधित किए गए और 72 लाख से अधिक नाम हटाए गए। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान 90 लाख से अधिक डुप्लीकेट वोटर पाए गए, जिनमें से 53 लाख से अधिक के नाम हटाए गए।
इस बार पंचायत चुनावों में फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) का भी उपयोग किया जाएगा। मोबाइल ऐप से मतदाता की मौके पर ही फोटो खींची जाएगी और अपलोड की जाएगी, जिससे फर्जी वोटिंग को रोका जा सके। एक फोटो अपलोड करने में लगभग 30 सेकंड का समय लग रहा है।
स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) एक अल्फान्यूमेरिक कोड होगा, जिसमें ब्लाक कोड, लिंग (एम/एफ) और मतदाता का नंबर शामिल होगा। यह नंबर एक बार आवंटित होने के बाद किसी और को नहीं दिया जाएगा।
