पश्चिम चंपारण: 3 साल से स्वेटर का इंतजार, ठंड में ठिठुर रहे आंगनबाड़ी के बच्चे; व्यवस्था पर सवाल
पश्चिम चंपारण में आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जहां एक ओर ठंड लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर आंगनबाड़ी केंद्रों पर छोटे बच्चे बिना गर्म कपड़ों के ठिठुरने को मजबूर हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि बच्चों को पिछले तीन सालों से स्वेटर और पोशाक (यूनिफॉर्म) नहीं मिले हैं।
बुधवार को गौचरी पंचायत के सुखपुर टोला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-20 की पड़ताल के दौरान यह भयावह स्थिति सामने आई। सुबह 10 बजे के आसपास, जब हल्की कोहरा और ठंडी हवा चल रही थी, केंद्र में 37 बच्चे मौजूद थे। इनमें से किसी के पास स्वेटर नहीं था। कुछ बच्चे गंजी या फटी हुई शर्ट पहनकर आए थे, जो ठंड से कांप रहे थे।
केंद्र की सेविका सच्ची देवी ने बताया कि आप स्वेटर की बात कर रहे हैं, बच्चों को तीन वर्ष से पोशाक तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि कई बार तो छोटे बच्चे खाली देह चले आते हैं, जिन्हें सहायिका वापस घर भेजकर कपड़े पहनवाकर लाती हैं। अभिभावकों ने बताया कि वे अपने बच्चों को फटे-पुराने कपड़े पहनाकर भेजते हैं, क्योंकि उनके पास और कोई विकल्प नहीं है।
केंद्र में बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। बच्चे जिस बोरी पर बैठकर पढ़ाई करते हैं, उसी पर पोषाहार परोसा जाता है। दरी के बारे में पूछने पर बताया गया कि दरी फट चुकी है। यह केंद्र राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुखपुर के प्रांगण में एक कमरे में संचालित हो रहा है। सेविका ने बताया कि विभाग को बार-बार सूचित करने के बावजूद बच्चों को ये बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
