सिडनी हत्याकांड: भारतीय पासपोर्ट पर फिलीपींस गया था हमलावर, सैन्य ट्रेनिंग का शक
सिडनी के बॉन्डी बीच पर हुए नरसंहार की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। हमलावरों ने हनुक्का मना रहे यहूदियों को निशाना बनाया, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 10 साल की बच्ची और हिटलर के होलोकॉस्ट से बचे 87 वर्षीय व्यक्ति भी शामिल थे।
हमलावरों की पहचान 50 वर्षीय साजिद अकरम और उसके बेटे 24 वर्षीय नवीद अकरम के रूप में हुई है। साजिद अकरम मूल रूप से भारत के हैदराबाद का रहने वाला था और उसने वहीं से बीकॉम की डिग्री पूरी की थी। तेलंगाना पुलिस के डीजीपी द्वारा जारी एक प्रेस नोट में बताया गया कि वह नवंबर 1998 में ऑस्ट्रेलिया चला गया था।
जांचकर्ताओं को शक है कि दोनों हमलावरों ने पिछले महीने फिलीपींस की यात्रा की थी और वहां ‘सैन्य-शैली का प्रशिक्षण’ लिया था। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि साजिद अकरम ने फिलीपींस जाने के लिए भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल किया, जबकि उसके बेटे नवीद ने ऑस्ट्रेलियाई पासपोर्ट का इस्तेमाल किया।
साजिद अकरम को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया, जबकि नवीद अकरम गंभीर रूप से घायल हो गया। ब्लूमबर्ग और रॉयटर्स की रिपोर्टों में भी इस बात की पुष्टि की गई है कि पिता ने भारतीय पासपोर्ट पर यात्रा की थी। परिवार के सदस्यों ने मीडिया को बताया कि साजिद द्वारा एक ईसाई महिला से शादी करने के बाद उन्होंने उससे संबंध तोड़ लिए थे।
