पीएम मोदी का तीन देशों का दौरा: भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विस्तार के लिए पश्चिम एशिया-अफ्रीका में नई रणनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 18 दिसंबर 2025 तक जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की महत्वपूर्ण यात्रा पर निकलेंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया और अफ्रीका में भारत की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है, ताकि देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और आर्थिक विकास को गति मिल सके। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, सुरक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे विविध क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करेगा।
यात्रा की शुरुआत जॉर्डन से होगी, जहां पीएम मोदी किंग अब्दुल्ला द्वितीय से मुलाकात करेंगे। जॉर्डन को पश्चिम एशिया के प्रवेश द्वार के रूप में देखा जाता है और यह यात्रा क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा सहयोग पर केंद्रित होगी। इसके बाद, पीएम मोदी इथियोपिया जाएंगे, जो अफ्रीकी राष्ट्र के लिए उनका पहला दौरा होगा। यहां वे प्रधानमंत्री अबी प्रधानमंत्री अबी अहमद से मुलाकात करेंगे और इथियोपियाई संसद को संबोधित करेंगे। इस दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
दौरे का अंतिम चरण ओमान होगा, जहां सुल्तान हैथम बिन तारिक से मुलाकात होगी। ओमान भारत की ऊर्जा सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। दोनों देशों के बीच 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार 10.61 बिलियन डॉलर था। इस यात्रा के दौरान भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जिसे दोनों देशों की कैबिनेट द्वारा पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। यह समझौता भारत के लिए महत्वपूर्ण संसाधनों को सुरक्षित करने और आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने के लिए महत्वपूर्ण है।
