कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने शहर के विस्तार और बढ़ती आबादी को देखते हुए 61 साल बाद अपने जोनों की सीमा में बदलाव किया है। अभी तक केडीए में चार जोन थे, जिन्हें अब नगर...
कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने शहर के विस्तार और बढ़ती आबादी को देखते हुए 61 साल बाद अपने जोनों की सीमा में बदलाव किया है। अभी तक केडीए में चार जोन थे, जिन्हें अब नगर निगम की तर्ज पर छह कर दिया गया है। जोन एक और दो को दो-दो भागों में बांटा गया है, जबकि जोन तीन और चार को उसी तरह रखा गया है।
केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल ने बताया कि छोटे-छोटे जोन बनाए गए हैं ताकि जनता की समस्याओं का प्रभावी पयर्वेक्षण और जन समस्याओं का तुरंत निस्तारण किया जा सके। यह व्यवस्था गुरुवार से लागू कर दी गई है। सभी जोन में अफसरों को तैनात कर दिया गया है ताकि जनता की समस्याओं को तुरंत निस्तारण किया जा सके।
सीमा तय करने के साथ ही उसमें कौन सी योजनाएं आ रही हैं, वह भी तय की गई हैं। केडीए की सीमा का नक्शा भी तय कर दिया गया है। वर्तमान समय में केडीए की सीमा में 41 लाख आबादी रहती है। शहर के विकास और विस्तार के लिए केडीए का गठन वर्ष 1974 में हुआ था।
नए जोनों की सीमाएं इस प्रकार हैं: जोन 1A में प्रयागराज रोड (केडीए सीमा) से उत्तर दिशा की ओर का क्षेत्र, जीटी रोड पर स्थित रावतपुर चौराहा से कंपनी बाग चौराहा, डाल्फिन चौराहा, वीएसएसडी कालेज रोड से गंगा बैराज तथा गंगा नदी के दक्षिण केडीए की सीमा तक का क्षेत्र शामिल है। इसमें चकेरी, आशियाना, कृष्णा नगर, जाजमऊ, पोखरपुर, नाचघर, बिरहाना रोड, दलेलपुरवा, रायपुरवा, सीसामऊ, गुटैया, ग्वालटोली, खलासी लाइन जैसी प्रमुख योजनाएं शामिल हैं।
जोन 1B में जीटी रोड स्थित रावतपुर चौराहा से कन्नौज रोड (विकास प्राधिकरण सीमा) से विकास क्षेत्र की बाउंड्री सम्मिलित करते हुए जनपद उन्नाव का सभी क्षेत्र जोन एक ए की सीमा तक शामिल है। इसमें ओल्ड कानपुर, दीनदयाल नगर, सिग्नेचर सिटी, अन्नपूर्णा इन्क्लेव, ख्यौरा बांगर, लखनपुर, हरिकृष्ण नगर, चैतन्य विहार, इंदिरा नगर, दयानंद विहार, मुखर्जी विहार, कल्याणपुर सी ब्लाक, केडीए ग्रीन्स जैसी योजनाएं शामिल हैं।
जोन 2A में जीटी रोड पर कल्याणपुर-पनकी रोड- इटावा रोड से कानपुर देहात का सम्पूर्ण क्षेत्र सम्मिलित करते हुए उत्तर में कानपुर विकास प्राधिकरण की सीमा तक शामिल है। इसमें गौतम विहार, जवाहरपुरम, रतनपुर, प्रगति इन्क्लेव, शताब्दी नगर, मंदाकिनी इन्क्लेव, रामगंगा इन्क्लेव, महावीर नगर विस्तार जैसी योजनाएं शामिल हैं।