हनुक्का समारोह में खून-खराबा, 11 लोगों की मौत; ट्रंप बोले- यह ‘शुद्ध यहूदी विरोधी हमला’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सिडनी के बॉन्डी बीच पर हुए सामूहिक गोलीबारी की कड़ी निंदा की है। सोमवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने इस घटना को “भयानक हमला” बताया। यह टिप्पणी तब आई जब ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने पुष्टि की कि रविवार शाम हनुक्का समारोह के दौरान दो बंदूकधारियों द्वारा गोलीबारी किए जाने से कम से कम 11 लोग मारे गए और 29 अन्य घायल हो गए।
ट्रंप ने इस गोलीबारी को “शुद्ध यहूदी विरोधी हमला” करार दिया और ऑस्ट्रेलिया के यहूदी समुदाय के साथ एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “यह एक भयानक हमला था, 11 मृत, 29 बुरी तरह घायल। और यह स्पष्ट रूप से एक यहूदी विरोधी हमला था।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने उस ऑस्ट्रेलियाई नागरिक की भी सराहना की जिसने हमलावरों में से एक को काबू किया। ट्रंप ने कहा, “बहुत, बहुत बहादुर व्यक्ति, जो आगे बढ़ा और हमलावरों में से एक पर हमला किया और कई जानें बचाईं। बहुत बहादुर व्यक्ति, जो अभी अस्पताल में घायल है। उस व्यक्ति के प्रति बहुत सम्मान जिसने ऐसा किया।”
बाद में उस व्यक्ति की पहचान 43 वर्षीय अहमद अल अहमद के रूप में हुई, जो सिडनी का स्थानीय निवासी और एक फल की दुकान का मालिक है। अहमद ने बहादुरी से बॉन्डी बीच के बंदूकधारियों में से एक को काबू किया और उसे निहत्था कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, हमलावरों में से एक को मौके पर ही मार गिराया गया, जबकि दूसरा संदिग्ध गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने इस गोलीबारी को यहूदी समुदाय को निशाना बनाने वाला आतंकवादी हमला बताया है। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने इसे “बुराई भरा यहूदी विरोधी कार्य” बताया।
