बिहार में योगी की हुंकार: राम मंदिर विरोधियों को जनता ने दिया करारा जवाब
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बिहार के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के झाउवाँ हाई स्कूल प्रांगण में एनडीए समर्थित भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में एक विशाल चुनावी सभा को संबोधित किया। आरा (भोजपुर) से जागरण संवाददाता के अनुसार, योगी की यह चुनावी गर्जना आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा और एनडीए के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अपने संबोधन की शुरुआत योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय भोजपुरी भाषा में की, जिससे उन्होंने जनता का सीधा अभिवादन किया। उन्होंने बिहार की धरती को वीरता और स्वाभिमान का प्रतीक बताते हुए वीर कुंवर सिंह और बाबू जगजीवन राम जैसी महान विभूतियों को नमन किया। हल्की बारिश के बावजूद सभा स्थल पर उमड़ी भीड़ को योगी ने “पुष्प वर्षा” करार दिया और इसे एनडीए की आसन्न जीत का स्पष्ट संकेत बताया।
योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में कांग्रेस और राजद के पूर्ववर्ती शासनकाल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके शासन में बिहार की गौरवशाली पहचान धूमिल हुई। योगी ने कहा, “15 सालों के लालू-राबड़ी राज में नौजवान बेरोजगार थे, बेटियों की सुरक्षा भगवान भरोसे थी।” उन्होंने बिहार में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और विकास की कमी को लेकर विपक्ष पर गंभीर सवाल उठाए।
इसके विपरीत, उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में एनडीए सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों की जमकर सराहना की। योगी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने वे कार्य पूरे किए हैं, जो दशकों पहले हो जाने चाहिए थे। उन्होंने राज्य में बेहतर सड़कों, कनेक्टिविटी, तथा नए इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों के निर्माण का उल्लेख करते हुए डबल इंजन की सरकार के फायदे गिनाए। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं और बिहार भी बुलेट ट्रेन की रफ्तार से विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने चुनावी सभा में राम मंदिर निर्माण के संवेदनशील मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा, “क्या कांग्रेस और राजद राम मंदिर का निर्माण करा सकते थे? उन्होंने कहा था मंदिर नहीं बनने देंगे। लेकिन गोली चले या डंडा, हम तब भी कहते थे राम लला आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे।” उन्होंने जनता से यह अपील भी की कि राम मंदिर विरोधियों को जनता ने पहले भी जवाब दिया है और इस बार भी वे एनडीए सरकार को चुनकर विकास और राष्ट्रवाद के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराएं।
