राहुल गांधी की बैठक से तीसरी बार गायब हुए शशि थरूर, क्या कांग्रेस से बढ़ रही है दूरी?
कांग्रेस सांसद शशि थरूर शुक्रवार को राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई पार्टी के लोकसभा सांसदों की बैठक से अनुपस्थित रहे। यह लगातार तीसरी बार है जब थरूर ने पार्टी की महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा नहीं लिया है, जिससे कांग्रेस के भीतर उनकी निष्ठा और इरादों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, थरूर ने नेतृत्व को अपनी अनुपस्थिति की जानकारी पहले ही दे दी थी, हालांकि कांग्रेस के मुख्य सचेतक ने इस पर अनभिज्ञता जताई। थरूर की अनुपस्थिति ऐसे समय में आई है जब वह पहले से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सत्तारूढ़ भाजपा के प्रति कथित रूप से नरम रुख रखने के कारण जांच के दायरे में हैं।
यह अनुपस्थिति 30 नवंबर को हुई कांग्रेस की रणनीतिक समूह की बैठक से उनकी गैरमौजूदगी के कुछ दिनों बाद हुई है। उस समय थरूर ने स्पष्टीकरण दिया था कि वह केरल से उड़ान भर रहे थे और समय पर दिल्ली नहीं पहुंच पाए थे। इससे पहले भी, उन्होंने ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) मुद्दे पर हुई चर्चा को स्वास्थ्य कारणों और अपनी 90 वर्षीय मां के साथ यात्रा करने का हवाला देते हुए छोड़ दिया था।
हालांकि, कांग्रेस के कुछ नेता उनकी बार-बार की अनुपस्थिति से असहज महसूस कर रहे हैं, खासकर तब जब थरूर को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए राष्ट्रपति द्वारा आयोजित राजकीय भोज में आमंत्रित किया गया था, जबकि पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को नहीं बुलाया गया था। इस निमंत्रण ने आंतरिक रूप से फुसफुसाहट पैदा कर दी थी, जहां कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने टिप्पणी की थी कि ‘जब मेरे नेताओं को आमंत्रित नहीं किया जाता है, लेकिन मुझे किया जाता है, तो हमें समझना चाहिए कि खेल क्यों खेला जा रहा है।’
