जयशंकर ने पाकिस्तान की सेना को बताया भारत की सुरक्षा का दुश्मन, पाकिस्तान ने दिया करारा जवाब
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में पाकिस्तान की सेना पर भारत की सुरक्षा समस्याओं को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि भारत की कई सुरक्षा चुनौतियाँ पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठान से उपजी हैं। जयशंकर ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही थी, जिसके बाद पाकिस्तान ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने जयशंकर के बयान को ‘अत्यधिक भड़काऊ, निराधार और गैर-जिम्मेदाराना’ बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक जिम्मेदार राष्ट्र है और उसकी संस्थाएँ, जिनमें सशस्त्र बल भी शामिल हैं, देश की राष्ट्रीय सुरक्षा ढाँचे का मूल हिस्सा हैं। अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान की सेना अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
अंद्राबी ने मई में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ संघर्ष का हवाला देते हुए कहा कि यह पाकिस्तान की सेना के संकल्प का प्रमाण है कि वह किसी भी आक्रामकता से देश की रक्षा कर सकती है। उन्होंने भारत पर पाकिस्तान की राज्य संस्थाओं और नेतृत्व को बदनाम करने के लिए ‘दुष्प्रचार अभियान’ चलाने का आरोप लगाया।
जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा था कि जिस तरह कुछ लोग ‘अच्छे आतंकवादी और बुरे आतंकवादी’ के बीच अंतर करते हैं, उसी तरह ‘अच्छे सैन्य नेताओं और बहुत अच्छे नहीं’ के बीच भी अंतर करने का तर्क लागू होता है। उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा चुनौतियों का एक बड़ा हिस्सा पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठान से आता है, जो आतंकी समूहों को समर्थन देता है।
ऑपरेशन सिंदूर, जो 7 मई को शुरू हुआ था, का उद्देश्य पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना था। यह कार्रवाई पहलगाम में हुए हमले के बाद की गई थी, जिसमें 26 नागरिकों की मौत हो गई थी। चार दिनों तक चले इस सैन्य आदान-प्रदान के बाद दोनों पक्षों ने ऑपरेशन रोकने पर सहमति जताई थी।
