जमशेदपुर के विकास में अमिट छाप छोड़ने वाले रितुराज सिन्हा का निधन, शहर में शोक की लहर
टाटा स्टील यूआईएसएल (पूर्व में जुस्को) के एमडी रहे रितुराज सिन्हा के आकस्मिक निधन से कॉरपोरेट जगत और जमशेदपुर शहर में शोक की लहर है। उनकी कार्यशैली, दूरदृष्टि और नवाचार के कारण शहर में कई महत्वपूर्ण बदलाव संभव हुए।
बिष्टुपुर और साकची की सड़कों पर स्कूल छुट्टी के समय लगने वाले रोजाना जाम को खत्म करने के लिए रितुराज सिन्हा ने एक अनोखी पहल शुरू की। उन्होंने शहर के सभी स्कूल प्रबंधन से संवाद कर छुट्टी के समय में 15-15 मिनट का अंतर करवाया। इस पहल से ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम हुई और लोगों को राहत मिली।
एमडी रहते हुए उन्होंने पूरे जमशेदपुर शहर की जियो मैपिंग कराई। इससे कमांड सेंटर में बैठकर ही बिजली, पानी, सीवरेज लाइनों और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर का सटीक लोकेशन देखा जा सकता था। सिन्हा की इस पहल ने सभी कार्यों की गति बढ़ाई और बाधाओं को काफी हद तक कम किया। उनके नेतृत्व में पैकेज्ड सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, शहर के कई इलाकों में चौड़ी सड़कें और अवैध अतिक्रमण पर रोक जैसी कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज हुईं।
तीन दशकों से अधिक की सेवा अवधि में उन्होंने अपने प्रोफेशनलिज्म, ऊर्जा और नवाचार से कंपनी और शहर दोनों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। रितुराज सिन्हा का निधन जमशेदपुर के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी दूरदृष्टि, विनम्रता और नेतृत्व प्रेरणा देती रहेगी।
टाटा स्टील यूआईएसएल के एमडी रितुराज सिन्हा का निधन, उद्योग जगत में शोक की लहर
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