20 साल का इंतजार, हर साल टूटता पुल: चचरी के सहारे 6 गांवों की 6 गांवों की जिंदगी
योगापट्टी प्रखंड के चौमुखा गांव स्थित हरहा नदी पर स्थाई पुल का निर्माण नहीं होने से स्थानीय ग्रामीण सहित आधा दर्जन गांव के लोग पिछले बीस वर्षों से परेशान हैं। लोगों को आवागमन से लेकर अन्य तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
प्रति वर्ष ग्रामीणों के श्रमदान और चंदा इकट्ठा कर बांस की चचरी पुल का निर्माण आवागमन के लिए किया जाता है, लेकिन वर्षा के समय नदी के जलस्तर बढने के साथ चचरी पुल ध्वस्त हो जाता है। इस पुल के निर्माण के लिए स्थानीय ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर विधायक सांसद तक आवेदन देकर बनवाने की मांग की है, लेकिन अभी तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने इसपर ध्यान नहीं दिया है।
ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी से लेकर मंत्री तक पुल बनाने की गुहार लगाई गई। स्थानीय ग्रामीण करण यादव, लंबु यादव, झबुलाल यादव, नेजाम आलम, आदि ने बताया कि पुल निर्माण के लिए कई जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। मजबूरन ग्रामीणों को दशकों से चंदा एकत्रित कर व श्रमदान कर स्वयं ही चचरी पुल का निर्माण कर आवागमन का रास्ता तैयार करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्षा में पुल टूट जाता है। फिर इसे ग्रामीण श्रमदान व चंदे इकट्ठा कर पुल को जोड़कर किसी तरह गांवों का संपर्क बहाल किया जाता है। कई ग्रामीणों ने कहा कि विधायक ने स्वयं मौके पर आकर भरोसा दिलाया था कि शीघ्र पुल बनेगा। लेकिन वह अब तक सिर्फ सपना ही बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने सरकार से स्पष्ट मांग की है कि हरहा नदी पर शीघ्र पक्के पुल का निर्माण कराया जाए।
