लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग में खूनी टकराव, पंचकूला में गैंगवार का खतरा, पुलिस अलर्ट पर
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और आतंकी गोल्डी बराड़ के बीच बढ़े टकराव के कारण पंचकूला में भी गैंगवार का खतरा बढ़ गया है। चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब पुलिस की संयुक्त जांच में सामने आया कि पंचकूला में सोनू नौलटा की गोलियां मारकर हत्या करने वाले पीयूष पिपलानी और अंकुश पिंजौर ने ही चंडीगढ़ में इंद्रप्रीत सिंह उर्फ पैरी को मौत के घाट उतारा है।
पैरी की हत्या के बाद लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ आमने-सामने हैं। दोनों की ऑडियो भी इंटरनेट मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं। गोल्डी बराड़ ने लॉरेंस बिश्नोई को यह तक कह दिया है कि पैरी की हत्या कर उसने अपनी मौत के कागज पर साइन कर दिया है।
इसी साल जून में अमरावती में हुई गैंगवार में नौलटा गांव निवासी सोनू पहलवान की हत्या कर दी गई थी। हत्या की जिम्मेदारी पीयूष पिपलानी और अंकुश पिंजौर ने ली थी। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा था कि सोनू की नजदीकी गैंगस्टर भूप्पी राणा से बढ़ गई थी, जिसके कारण उसकी हत्या की गई।
पुलिस ने पीयूष और अंकुश की मदद करने वाले कई लोगों को गिरफ्तार किया, मगर वह दोनों अब तक पुलिस के हाथ नहीं आए। अब इस परिस्थिति को देखते हुए पंचकूला पुलिस अलर्ट मोड पर है और कांबिंग ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। फिलहाल पंचकूला पुलिस अलर्ट मोड पर है और पीयूष पिपलानी व अंकुश पिंजौर को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
सोनू नौलटा की हत्या करने वाले पीयूष पिपलानी और अंकुश पिंजौर वारदात को अंजाम देने के बाद पंचकूला से फरार हो गए थे। पुलिस उनको पकड़ने में नाकाम रही। उनकी गाड़ी चंडीगढ़ पीजीआई से बरामद हुई थी। हत्या की वारदात को छह महीने बीतने के बाद भी हत्यारों को पकड़ने के लिए पंचकूला पुलिस केवल दावे ही कर रही है। अगर पुलिस दोनों को गिरफ्तार करने में कामयाब हो जाती तो शायद इंद्रप्रीत सिंह उर्फ पैरी की हत्या टल सकती थी। अगर पैरी की हत्या नहीं होती तो दोनों बड़े गैंग में टकराव भी नहीं होता।
लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, भूप्पी राणा, संपत नेहरा समेत कई अन्य गैंगस्टर हैं, जो चंडीगढ़ से ही निकले हैं। ऐसे में उनका यहां पर प्रभाव काफी ज्यादा है। सभी गैंग इस क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने के लिए कोई न कोई वारदात करते रहते हैं। ऐसे में अगर गोल्डी बराड़ और लॉरेंस गैंग के बीच टकराव होता है तो इसका फायदा दूसरे गैंग भी उठा सकते हैं। ऐसे में पंचकूला पुलिस के लिए यह चिंता का विषय है।
