इमरान खान पर देशद्रोह का केस? पाक सरकार ने दी चेतावनी, सेना से टकराव पड़ सकता है भारी
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और सेना के बीच टकराव गहराता जा रहा है। एक हफ्ते पहले खान के समर्थकों और पाकिस्तानी प्रतिष्ठान के बीच हुए हाई-वोल्टेज टकराव के बाद, अब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की नागरिक सरकार ने जेल में बंद नेता को एक नई चेतावनी जारी की है।
सीनेटर और शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने सोमवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ देशद्रोह के मामलों को खारिज नहीं किया जा सकता है। सनाउल्लाह ने अन्य पीटीआई नेताओं को भी चेतावनी दी कि वे उनकी चेतावनी को हल्के में न लें, क्योंकि ऐसा करने पर ‘गंभीर परिणाम’ हो सकते हैं।
सरकार की यह चेतावनी इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी के बयान के एक सप्ताह से भी कम समय बाद आई है। चौधरी ने इमरान खान पर ‘सेना विरोधी’ नैरेटिव बनाने और फैलाने का आरोप लगाया था, जिसे उन्होंने ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा’ बताया।
सनाउल्लाह ने एक मीडिया आउटलेट से बात करते हुए कहा कि ISPR DG द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया गया संदेश ‘स्पष्ट’ था और इसे पीएम शरीफ की सरकार ने ‘पूरी तरह से समर्थन’ दिया था। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मार्च में जाफर एक्सप्रेस हमले में शामिल आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल किए गए नैरेटिव को ‘भारतीय, अफगान और पीटीआई से जुड़े मीडिया’ द्वारा एक साथ बढ़ाया गया था। उन्होंने इमरान खान की पार्टी पर राष्ट्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
सनाउल्लाह ने कहा कि इमरान खान द्वारा जेल में अपनी बहन से मिलने के बाद किया गया एक सोशल मीडिया पोस्ट स्थिति को ‘स्पष्ट’ करता है, जिसे सरकार ने ‘भड़काऊ’ माना। उन्होंने पीटीआई पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ‘अडियाला तहरीक-ए-इंसाफ’ बनने की ओर अग्रसर है।
