दिल्ली की जहरीली हवा से निपटने के लिए सरकार का बड़ा फैसला, बनी विशेषज्ञ समिति
दिल्ली की हवा में घुला जहर हर साल लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करता है। इस गंभीर चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने वायु प्रदूषण की रोकथाम और दीर्घकालिक प्रबंधन के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। यह समिति केवल कागजी कार्रवाई नहीं करेगी, बल्कि साक्ष्य-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करेगी ताकि प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
इस विशेषज्ञ निकाय का मुख्य उद्देश्य सरकार को प्रदूषण से निपटने के लिए आवश्यक हस्तक्षेपों, उभरती प्रौद्योगिकियों और नीतिगत सुधारों पर सलाह देना है। यह समूह दिल्ली की वायु गुणवत्ता प्रबंधन रणनीति को मजबूत करने के लिए एक उच्च-स्तरीय सलाहकार पैनल के रूप में कार्य करेगा। सेवानिवृत्त आईएएस और पूर्व केंद्रीय पर्यावरण सचिव लीना नंदन इस समिति की अध्यक्षता करेंगी। अन्य सदस्यों में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व सदस्य सचिव डॉ. जेएस काम्योत्रा और आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर मुकेश खरे जैसे विशेषज्ञ शामिल हैं।
विशेषज्ञ समिति के साथ-साथ, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय कार्यान्वयन समिति का भी गठन किया गया है। इस समिति में दिल्ली सरकार और नगर निगम सहित 16 एजेंसियां शामिल हैं। इसका काम यह सुनिश्चित करना है कि सरकार और अदालतों द्वारा जारी सभी निर्देशों का समय पर और प्रभावी ढंग से पालन किया जाए। सरकार को उम्मीद है कि इन दोनों समितियों के संयुक्त प्रयासों से दिल्ली जल्द ही प्रदूषण के खिलाफ इस लड़ाई में जीत हासिल करेगी और अपने नागरिकों को स्वच्छ हवा प्रदान कर पाएगी।
