हरियाणा में खेल क्रांति: हर जिले में हाई-परफॉर्मेंस सेंटर, गांवों में मिनी कॉम्प्लेक्स
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राई स्थित हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में क्रीड़ा भारती द्वारा आयोजित इंडियन मॉडल ऑफ मॉडर्न स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कॉन्फ्रेंस में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने राज्य के खेल परिदृश्य को बदलने वाली महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि एथलीटों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए हरियाणा के हर जिले में हाई-परफॉर्मेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे, साथ ही ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने के लिए गांवों में मिनी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने खेलों के भारतीयकरण पर जोर देते हुए ‘चार M’ (मॉडर्न, मेंटैलिटी, मैनेजमेंट और मोरैलिटी) को इसकी नींव बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि इन पहलों से भारत 2026 और 2028 के ओलंपिक में अपनी मेडल टैली में उल्लेखनीय सुधार करेगा। उन्होंने कहा कि देसी खेल शैलियों और परंपराओं को बढ़ावा देते हुए अंधी नकल से दूर रहना होगा।
सैनी ने बताया कि हरियाणा सरकार ने पिछले 11 वर्षों में खेल क्षेत्र में ₹989 करोड़ से अधिक का निवेश किया है। चालू वित्त वर्ष के बजट में भी ₹589 करोड़ 69 लाख का प्रावधान किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खेल विकास के लिए फंडिंग में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। राज्य में पहले से ही तीन स्टेट-लेवल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, 21 डिस्ट्रिक्ट-लेवल स्टेडियम और 163 राजीव गांधी रूरल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सहित व्यापक बुनियादी ढांचा मौजूद है।
कॉन्फ्रेंस में इस बात पर जोर दिया गया कि खेल अब केवल मनोरंजन का क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह रोजगार, इनोवेशन और विज्ञान पर आधारित एक बड़ा सेक्टर बन गया है। क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रसाद महानकर ने कहा कि यह कॉन्फ्रेंस खेल में नवाचार को बढ़ावा देगी और एथलीटों को आगे बढ़ने में मदद करेगी।
