सोशल मीडिया पर बच्चों के इस्तेमाल पर सुधा मूर्ति की चेतावनी: ‘यह बच्चों का बचपन छीन रहा है’
संसद के उच्च सदन में शून्य काल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए सुधा मूर्ति ने कहा कि इंटरनेट मीडिया पर कई ऐसे वीडियो और रील्स हैं जिनमें बच्चों को विभिन्न वेशभूषा में दिखाया जाता है ताकि उनके माता-पिता फॉलोअर बढ़ा सकें। उन्होंने चेताया कि भले ही इससे माता-पिता को वित्तीय लाभ होता हो, लेकिन इसका दीर्घकालिक प्रभाव बच्चे के मनोविज्ञान पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि बच्चे अपनी मासूमियत खो देते हैं और सामाजिक गतिविधियों, खेलों या अच्छी शिक्षा से दूर हो जाते हैं।
सुधा मूर्ति ने फ्रांस जैसे विकसित देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चों के चित्रण संबंधी नियम बनाए जाने चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह बच्चों को इंटरनेट मीडिया कंटेंट की तरह इस्तेमाल करने वाले अभिभावकों के खिलाफ नियम बनाए, ताकि देश के भविष्य को संवारा जा सके। उन्होंने विज्ञापन और फिल्म उद्योग में बच्चों के चित्रण को नियंत्रित करने के लिए सरकार की सराहना की, लेकिन सोशल मीडिया के लिए ऐसे नियमों की कमी पर चिंता जताई।
