अब बढ़ जाएंगे तंबाकू के दाम! संसद में एक्साइज ड्यूटी लगाने के बिल को मिली मंजूरी
संसद ने गुरुवार को तंबाकू और इससे जुड़े उत्पादों पर हाई एक्साइज ड्यूटी लगाने के बिल को मंजूरी प्रदान कर दी, जोकि जीएसटी कंपनसेशन सेस समाप्त होने के बाद लागू होगा। राज्यसभा ने इस विधेयक को लोकसभा में वापस भेज दिया। लोकसभा ने बुधवार को केंद्रीय एक्साइज (संशोधन) विधेयक, 2025 को पारित किया था।
राज्यसभा में इस बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विधेयक के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। सीतारमण ने सदन को बताया कि किसानों को तंबाकू छोड़कर अन्य नकदी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह आंध्र, बिहार, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और बंगाल में किया जा रहा है। इन राज्यों में एक लाख एकड़ से अधिक भूमि तंबाकू की खेती से अन्य फसलों की ओर स्थानांतरित हो रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि तंबाकू उत्पादों पर जीएसटी व्यवस्था के तहत 40 प्रतिशत की दर से टैक्स लगाया जाएगा।
विधेयक पारित होने के बाद, यह सरकार को तंबाकू और संबंधित उत्पादों पर केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी की दर बढ़ाने का वित्तीय अधिकार प्रदान करेगा। अनमैन्युफैक्चर्ड तंबाकू पर 60-70 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव है। उधर, गुरुवार को राज्यसभा के कई सदस्यों ने सरकार से तंबाकू, शराब और ऐसे अन्य उत्पादों को प्रमोट करने वाले ”गुमराह करने वाले” विज्ञापन तुरंत बंद करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने ऐसे नशीले पदार्थों के इस्तेमाल से होने वाली कैंसर और दूसरी बीमारियों से होने वाली मौतों की चिंताजनक संख्या का भी जिक्र किया।
सीतारमण ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगात राय की उस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने एक विधेयक पर हिंदी में बोलने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा- ”मैं हिंदी में बोल सकती हूं, मैं तमिल में बोल सकती हूं, मैं तेलुगु में बोल सकती हूं, मैं अंग्रेजी में बोल सकती हूं। इससे सम्माननीय सदस्य को क्या फर्क पड़ता है?” सदन में उपलब्ध अनुवाद प्रणाली की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, “राय को किसी भी भाषा में अनुवाद मिल सकता है जो वे चाहते हैं। और यह क्या है.. मैंने हिंदी में बोला, तो (वह) समझ नहीं सकते?” सीतारमण ने कहा कि राय ने सिर्फ विधेयक पर ध्यान भटकाने के मकसद से ऐसा किया है।
