पंचकूला में विज्ञान का महाकुंभ: 6 से 9 दिसंबर तक जुटेंगे देश भर के वैज्ञानिक और इनोवेटर्स
पंचकूला में 11वें इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (आईआईएसएफ-2025) की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 6 से 9 दिसंबर तक चलने वाले इस मेगा इवेंट के लिए मंच पूरी तरह से तैयार है। इस वर्ष पंचकूला विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी का केंद्र बनेगा। महोत्सव की थीम “विज्ञान से समृद्धि: आत्मनिर्भर भारत के लिए” रखी गई है, जिसका उद्देश्य देश की प्रगति में विज्ञान की भूमिका को उजागर करना है।
इस फेस्टिवल में देशभर से वैज्ञानिक, शोधकर्ता, छात्र, इनोवेटर्स और इंडस्ट्री विशेषज्ञ शामिल होंगे। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना और उन्हें विज्ञान-आधारित नवाचारों की ओर प्रेरित करना है।
इस बार फेस्टिवल में एक विशेष आकर्षण है: भारत के महान वैज्ञानिकों जैसे आर्यभट्ट, होमी जहांगीर भाभा, कल्पना चावला, जगदीश चंद्र बोस, श्रीनिवास रामानुजन और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को समर्पित अलग-अलग कक्षाएं चलाई जाएंगी। इन कक्षाओं में विशेषज्ञ प्रोफेसर विद्यार्थियों को इनोवेशन, आत्मनिर्भर भारत और उभरती तकनीकों के बारे में जागरूक करेंगे। युवा प्रतिभागियों के लिए कई विशेष कार्यक्रम भी रखे गए हैं ताकि वे विज्ञान के क्षेत्र में अपनी रुचि बढ़ा सकें।
