बारात में बाल श्रमिकों से काम कराया तो होगी सख्त कार्रवाई, प्रशासन ने जारी की चेतावनी
सहायक श्रमायुक्त एमएल पाल ने अपने कार्यालय में बाल श्रमिक अभियान के तहत बैण्डबाजा और रोड लाइट के मालिकों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी और किशोरों एवं बाल श्रमिकों से कार्य नहीं लेने की अपील की। सहायक श्रमायुक्त ने स्पष्ट किया कि श्रम अधिनियम के अन्तर्गत 14 वर्ष की आयु से कम वर्ष के बच्चे से कहीं भी कार्य नहीं कराया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि खतरनाक प्रक्रियाओं में 18 वर्ष से कम आयु के किशोरों से भी कार्य कराया जाना पूर्णतः निषेध है। 14 वर्ष से कम आयु के बाल श्रमिकों से काम कराने पर अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार 20 हजार से 50 हजार रुपये तक जुर्माना एवं 6 माह से 2 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। शासन एवं जिलाधिकारी के निर्देश पर 1 से 15 दिसम्बर तक बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के अर्न्तगत जनपद को बाल श्रम से मुक्त करने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में औद्योगिक संगठनों, ऑटो गैरेज, बारात घर, होटल, बैंड, बाजा एवं रोड लाइट व कैटर्स के साथ लगातार बैठकें करके उन्हें बाल श्रम न कराने के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। सोमवार को जनपद में अभियान चलाते हुए तीन प्रतिष्ठानों से चार किशोर श्रमिकों को कार्य से पृथक किया गया और उनके नियोजन के विरुद्ध नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का समय से जवाब नहीं प्रस्तुत करने पर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
