ऑनलाइन गेमिंग कर्ज का खौफनाक अंत: IRB जवान ने दोस्त संग की दादा की हत्या, तीन गिरफ्तार
नगर थाना क्षेत्र के तालबन्ना निवासी विश्वनाथ गुप्ता हत्याकांड का पुलिस ने उद्भेदन कर लिया है। मामले में मृतक के चचेरे पोते तथा आइआरबी जवान सुमित कुमार गुप्ता (30 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया है।
सुमित ने बिहार के मधेपुरा निवासी अपने दोस्त और आइआरबी-8 में कार्यरत जवान अमन कुमार जायसवाल के साथ मिलकर लूट के उद्देश्य से इस वारदात को अंजाम दिया। दोनों ने साइबर अपराधी सोहित कुमार राउत, निवासी हटिया टोला (जरमुंडी, दुमका), की भी सहायता ली थी। तीनों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। साहिबगंज के एसपी अमित कुमार सिंह ने सोमवार को अपने कार्यालय में पीसी कर घटना की पूरी जानकारी दी। उनके अनुसार आरोपितों से 1,24,000 रुपये नकद, आभूषण, बैंक दस्तावेज, सात मोबाइल, एक पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
एसपी ने बताया कि सुमित वर्ष 2019 में आइआरबी-8 में सिपाही के पद पर बहाल हुआ था। मुख्यालय गोड्डा और पोस्टिंग चंदना थाना क्षेत्र के बोदा पिकेट (लातेहार) में थी। सुमित ‘दमन’ नामक ऑनलाइन गेम खेलता था, जिसमें वह लगभग 50 लाख रुपये हार चुका था। कर्ज वसूलने वाले लगातार दबाव बना रहे थे। करीब छह माह पहले सुमित के परिवार की कहलगांव स्थित पैतृक संपत्ति बिकी थी, जिसमें मृतक विश्वनाथ गुप्ता को भी अच्छी-खासी राशि मिली थी। इसी पैसे पर उसकी नजर थी। उसने सोहित कुमार राउत से संपर्क कर विश्वनाथ गुप्ता के बैंक पासबुक, एटीएम और मोबाइल फोन चोरी करने की योजना बनाई। सोहित पैसे निकालने की तैयारी में था, लेकिन पुलिस द्वारा खाते फ्रीज कर दिए जाने के कारण निकासी नहीं हो सकी।
शुरुआत में पुलिस को मृतक के भतीजे राजेश कुमार गुप्ता पर शक था, परंतु ठोस सबूत नहीं मिले। जांच के दौरान सुमित का मोबाइल जब्त किया गया। उसमें एक व्हाट्सएप चैट डिलीट किए जाने के प्रमाण मिले। चैट नंबर ट्रेस करने पर वह साइबर अपराधी सोहित तक पहुंचा। पूछताछ में सोहित ने बताया कि सुमित ने उसे मृतक के दो मोबाइल, बैंक दस्तावेज और एटीएम उपलब्ध कराए थे। उसकी स्वीकारोक्ति के बाद सुमित को हिरासत में लिया गया। कड़े सवालों पर उसने कबूल किया कि अमन कुमार जायसवाल के साथ मिलकर उसने चचेरे दादा के घर लूटपाट की और हत्या कर दी। दोनों की निशानदेही पर लूटे गए जेवर व नकदी मधेपुरा से तथा घटना में प्रयुक्त पिस्टल साहिबगंज के माल गोदाम के पास से बरामद की गई।
एक दिसंबर की रात विश्वनाथ प्रसाद गुप्ता की हत्या उनके घर में लूटपाट के दौरान की गई थी। मृतक की पुत्री ज्योति कुमारी गुप्ता के आधार पर नगर थाना में हत्या व लूट का मामला दर्ज हुआ। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने डीएसपी विजय कुमार कुशवाहा के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान दल का गठन किया था। टीम में एसडीपीओ विमलेश त्रिपाठी, किशोर तिर्की, नितिन खंडेलवाल, प्रशिक्षु डीएसपी रूपक कुमार सहित कई थाना प्रभारी और पुलिस अधिकारी शामिल थे।
