0

प्रयागराज में सनसनीखेज धोखाधड़ी! मृतक के बैंक खाते से उड़ाए गए 45.50 लाख रुपये, पत्नी पहुंची तो उड़े होश?

By Dec 8, 2025

प्रयागराज के लालगोपालगंज स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है। एक मृतक के बैंक खाते से 45.50 लाख रुपये की बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। इस घटना का खुलासा तब हुआ जब मृतक की पत्नी अपने पति का मृत्यु प्रमाण पत्र लेकर बैंक पहुंचीं और उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

प्रतापगढ़ जनपद के हथिगवां थानांतर्गत परेवा नारायणपुर गांव के रहने वाले महफूज अहमद फारुकी का खाता लालगोपालगंज स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में था। 6 जून 2025 को उनकी मृत्यु हो गई थी, और उस समय उनके खाते में 56 से 57 लाख रुपये जमा थे। एक माह पहले, 30 अक्टूबर को, महफूज की पत्नी मदीहा अपने पति का मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक कागजात लेकर बैंक पहुंचीं। लेकिन, जब शाखा प्रबंधक ने खाता चेक किया, तो मदीहा को बताया गया कि खाते में केवल 11 लाख 56 हजार रुपये ही बचे हैं। यह सुनते ही मदीहा के होश उड़ गए, क्योंकि उन्हें पता था कि खाते में लाखों रुपये थे।

जांच पड़ताल शुरू हुई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पता चला कि बैंक के स्केल वन अधिकारी दिनेश और स्केल टू प्रबंधक संजीव कुमार के हस्ताक्षर से 30 जुलाई को मृतक के नाम से चेक जारी किए गए थे। बैंक में ही बैठे ग्राहक सेवा संचालक संजय कुमार विश्वकर्मा के खाते में 14 अगस्त को 10 लाख रुपये हस्तांतरित हुए, और उसी दिन एक और चेक के माध्यम से संजय के मित्र पीयूष शुक्ला के खाते में तीन लाख रुपये जमा किए गए। इस दौरान शाखा प्रबंधक 10 दिन की अनिवार्य छुट्टी पर थे।

इतना ही नहीं, 14 अक्टूबर को एक और चेक से और 17 अक्टूबर को दूसरे चेक से संजय कुमार विश्वकर्मा के खाते में क्रमशः साढ़े 17 लाख और साढ़े 15 लाख रुपये डाले गए। इसके बाद संजय विश्वकर्मा ने मृतक के बड़े भाई तौफीक की पत्नी के खाते में 20 लाख रुपये हस्तांतरित किए, हालांकि जांच के बाद तौफीक की पत्नी ने यह राशि संजय के खाते में वापस लौटा दी।

मामला सामने आने के बाद शाखा प्रबंधक शुभजीत ने घटना की गंभीरता को समझते हुए रीजनल ऑफिस में शिकायत दर्ज कराई। उच्चाधिकारियों ने तुरंत एक जांच टीम गठित की है। शाखा प्रबंधक शुभजीत ने घटना की पुष्टि तो की, लेकिन बैंक का गोपनीय मामला बताते हुए विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया। इस मामले में स्केल-टू ऋण अधिकारी संजीव कुमार, ऑपरेशन अधिकारी दिनेश चंद्र, उनके स्थान पर आए विष्णु कसेरा, और सात अक्टूबर को कार्यभार ग्रहण करने वाली सवा सरिन के साथ-साथ ग्राहक सेवा संचालक संजय कुमार विश्वकर्मा और उसके मित्र पीयूष शुक्ला को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। यह घटना बैंकिंग प्रणाली पर सवाल खड़े करती है और ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है।

About Amit Sagar

Journalist covering latest updates.

साझा करें