दोहरीकरण कार्य से रेल यातायात प्रभावित: कई ट्रेनें 18 दिसंबर तक रद्द, मार्ग परिवर्तित
बलिया-वाराणसी वाया रसड़ा रेलखंड पर मऊ–दुल्लहपुर–खुरहट के दोहरीकरण और नान-इंटरलाकिंग कार्य के चलते रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रेल विभाग द्वारा इस कार्य के कारण छह दिसंबर से लेकर 18 दिसंबर तक कई ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है, वहीं कुछ ट्रेनों के मार्ग में भी बदलाव किया गया है। इस निर्णय से शनिवार को रसड़ा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
यात्रियों को तब अधिक परेशानी हुई जब वे सुबह 10 बजे ताप्ती गंगा एक्सप्रेस पकड़ने के लिए स्टेशन पहुंचे और उन्हें पता चला कि ट्रेन का मार्ग परिवर्तित कर दिया गया है। इस वजह से सैकड़ों यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा। रेल विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, दोहरीकरण और इंटरलाकिंग कार्य के कारण परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेनें अब मऊ होकर नहीं गुजरेंगी।
परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेनों में 14005 लिच्छवी एक्सप्रेस शामिल है, जो छह से 18 दिसंबर तक छपरा-गाजीपुर-औड़िहार मार्ग से चलेगी। इसी प्रकार, 19046 ताप्ती गंगा एक्सप्रेस छह से 17 दिसंबर तक फेफना-गाजीपुर-औड़िहार-जौनपुर मार्ग से चलेगी। 19166 साबरमती एक्सप्रेस भी छह से 15 दिसंबर तक फेफना-गाजीपुर-औड़िहार-जौनपुर मार्ग का अनुसरण करेगी। 15050 पूर्वांचल एक्सप्रेस छह से 17 दिसंबर तक इंदारा-बलिया मार्ग से चलेगी। वहीं, 5007/5008 कृषक एक्सप्रेस 13 से 18 दिसंबर तक गोरखपुर से संचालित होगी और मऊ नहीं आएगी।
रद्द की गई ट्रेनों में मऊ–दोहरीघाट डीएमओ सवारी गाड़ी, आजमगढ़- बनारस सिटी तमसा पैसेंजर, इंटरसिटी (151/2930) वाराणसी-गोरखपुर/ गोरखपुर–वाराणसी, 15111/15112 छपरा–बनारस सिटी इंटरसिटी, और 15103/15104 गोरखपुर इंटरसिटी प्रमुख हैं। ये सभी ट्रेनें 18 दिसंबर तक पूरी तरह से रद्द रहेंगी। इस अवधि के दौरान यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव करने या लंबी दूरी तय करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उन्हें समय और धन दोनों का नुकसान हो रहा है। रेल प्रशासन यात्रियों से इस असुविधा के लिए सहयोग की अपील कर रहा है।
