मणिपुर सरकार की दो टूक: शांति भंग करने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
मणिपुर सरकार ने राज्य की शांति और व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की दो टूक चेतावनी जारी की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कानून का पालन करने वाले नागरिकों को डराने-धमकाने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब हाल ही में पांच प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के गठबंधन ने राज्य में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित संगाई महोत्सव में भाग लेने वाले सभी व्यक्तियों और संगठनों से 10 दिसंबर से पहले सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की थी। इस मांग ने राज्य में पहले से ही संवेदनशील माहौल को और गरमा दिया था।
सूत्रों के अनुसार, सरकार के संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ असामाजिक तत्व और संगठन सुनियोजित तरीके से राज्य की शांति व्यवस्था को बाधित करने और आम नागरिकों में भय का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने गुरुवार को जारी एक आधिकारिक बयान में इस बात पर जोर दिया कि ऐसे किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसी बीच, राज्य पुलिस ने संगाई महोत्सव में व्यवधान उत्पन्न करने और प्रतिभागियों को धमकी देने के प्रयास के संबंध में तीन उग्रवादी गिरफ्तार किए हैं। उनकी गिरफ्तारी से महोत्सव की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शांति बनाए रखने की दिशा में सरकार के प्रयासों को बल मिला है। पुलिस इन गिरफ्तारियों के संबंध में आगे की जांच कर रही है ताकि इस मामले में शामिल अन्य तत्वों का भी पता लगाया जा सके।
सरकार ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों या उकसावे में न आने की अपील की है। यह भी कहा गया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या प्रशासन को दी जाए ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। सरकार राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने और सभी के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
