एटीएस इंस्पेक्टर बनकर महिला से ठगे 10 लाख, पुलवामा हमले का डर दिखाकर साइबर ठगी
वाराणसी में साइबर ठगों ने एक बार फिर अपनी हदों को पार करते हुए एक महिला को न सिर्फ डराया बल्कि उससे दस लाख रुपये की ठगी भी कर ली। संजय अपार्टमेंट, काटन मिल की निवासी डॉ. अल्पना राय चौधरी को ठगों ने पुलवामा हमले में मनी लॉन्ड्रिंग के तार जोड़कर गिरफ्तारी का डर दिखाया और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर पूरी रकम ऐंठ ली। इस मामले में जैतपुरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है और पुलिस साइबर ठगों की तलाश में जुट गई है।
सूत्रों के अनुसार, घटना की शुरुआत 1 नवंबर को हुई जब डॉ. अल्पना के मोबाइल पर एक वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाला व्यक्ति पुलिस की वर्दी में था और उसने खुद को लखनऊ का एटीएस इंस्पेक्टर रंजीत बताया। उसने अल्पना को विश्वास दिलाया कि उनका नाम कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में सामने आया है। ठग ने दावा किया कि उनके बैंक खातों में सात करोड़ रुपये आए हैं, जिनमें से 70 लाख रुपये उन्होंने खुद निकाल लिए हैं।
ठग ने इस मामले को देशद्रोह का संगीन जुर्म बताते हुए गिरफ्तारी की धमकी दी। उसने यह भी कहा कि यदि उन्होंने यह बात किसी को बताई तो उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके साथ ही, ठग ने यह शर्त रखी कि उन्हें हर आधे घंटे में खुद के सुरक्षित होने का मैसेज उसके मोबाइल पर भेजना होगा। अगले दो दिनों तक, अलग-अलग नामों से पुलिस अधिकारी बनकर ठगों ने डॉ. अल्पना को फोन किया।
उन्होंने डॉ. अल्पना से उनके बैंक खातों की जानकारी मांगी और कहा कि वे खातों में मौजूद रुपयों की जांच करेंगे। इसके लिए, उन्होंने डॉ. अल्पना को खुद के संचालित बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने को कहा। डरी हुई अल्पना ने पहले पांच हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद, 4 नवंबर को साइबर ठगों ने फिर से कॉल करके और अधिक पैसों की मांग की। डॉ. अल्पना ने डर के मारे अलग-अलग बैंक खातों में दस लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
जब साइबर ठगों ने और पैसों की मांग की, तब डॉ. अल्पना को शक हुआ और उन्होंने अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। परिजनों ने उन्हें समझाया कि वे साइबर ठगी का शिकार हुई हैं। इसके बाद, उन्होंने आनलाइन साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और ठगों की पहचान के लिए प्रयास कर रही है।
