पौधारोपण में लापरवाही: मथुरा के मांट रेंजर निलंबित, वन मंत्री ने खोला घोटाला
उत्तर प्रदेश सरकार ने पौधारोपण अभियान में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में मथुरा वन प्रभाग के मांट रेंज में तैनात क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) बुद्ध प्रिय गौतम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना द्वारा की गई एक अप्रत्याशित जांच के बाद हुई, जिसमें तुलागढ़ी रजवाह पौधारोपण स्थल पर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गई थीं।
सूत्रों के अनुसार, वन मंत्री डॉ. सक्सेना ने 25 नवंबर को तुलागढ़ी रजवाह पौधारोपण स्थल का निरीक्षण करने का निर्देश दिया था। हालांकि, प्रारंभिक निरीक्षण के दौरान उन्हें दूसरे स्थल पर ले जाया गया। मंत्री के दोबारा निर्देश देने पर जब वे सही स्थल पर पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि पौधारोपण के लिए लगाए गए अधिकांश पौधे नहर विभाग द्वारा गाद निकालने के कार्य के कारण नष्ट हो चुके थे।
जांच में यह भी सामने आया कि क्षेत्रीय वन अधिकारी बुद्ध प्रिय गौतम ने इस गंभीर क्षति की सूचना समय पर अपने उच्चाधिकारियों को नहीं दी थी। निरीक्षण के दौरान भी वे मंत्री को संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसे विभाग ने कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, शिथिलता और अकर्मण्यता माना है। पौधारोपण के इस कथित घोटाले का खुलासा स्वयं वन मंत्री द्वारा किए जाने के बाद, उन्होंने तत्काल रेंजर और उप-वन संरक्षक (एसडीओ) को हटाने के आदेश दिए थे।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी की ओर से जारी किए गए निलंबन आदेश के अनुसार, निलंबित अधिकारी बुद्ध प्रिय गौतम को वानिकी प्रशिक्षण संस्थान, कानपुर से संबद्ध किया गया है। इस निलंबन से पौधारोपण जैसे महत्वपूर्ण सरकारी अभियानों में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की गंभीरता का पता चलता है।
