अखुरथ संकष्टी चतुर्थी 2025: शिवलिंग पर चढ़ाएं ये चीजें, पाएं गणेश-शिव की कृपा
हिन्दू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व है, जो भगवान गणेश को समर्पित है। हर महीने आने वाली चतुर्थी तिथि के अलावा, पौष माह में पड़ने वाली चतुर्थी को ‘अखुरथ संकष्टी चतुर्थी’ के नाम से जाना जाता है। यह व्रत सभी प्रकार की बाधाओं को दूर कर जीवन में सफलता और समृद्धि लाने वाला माना जाता है।
इस वर्ष, अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का पावन व्रत 07 दिसंबर, 2025 को रविवार के दिन रखा जाएगा। यह दिन न केवल भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि शिव भक्तों के लिए भी विशेष अवसर प्रदान करता है। जो साधक बप्पा के साथ-साथ भगवान शिव का भी आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें इस दिन शिवलिंग पर कुछ विशेष वस्तुएं अर्पित करनी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इन उपायों से शिव और गणेश जी दोनों प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
**शिवलिंग पर चढ़ाएं ये खास वस्तुएं:**
* **बिल्व पत्र और दूर्वा:** भगवान शिव को बिल्व पत्र अत्यंत प्रिय हैं, जबकि दूर्वा भगवान गणेश को। इन दोनों को एक साथ शिवलिंग पर अर्पित करने से शिव और गणेश जी दोनों की संयुक्त कृपा प्राप्त होती है। यह उपाय जीवन में आ रही मुश्किलों को दूर करने में सहायक होता है।
* **शहद मिश्रित जल:** शुद्धता और मिठास का प्रतीक माने जाने वाले शहद का शिवलिंग पर अभिषेक करना शुभ होता है। तांबे के पात्र में शुद्ध जल, थोड़ा सा शहद और गंगाजल मिलाकर शिव जी का अभिषेक करने से रोगों से मुक्ति मिलती है और जीवन में मधुरता आती है।
* **काले तिल:** पौष माह और चतुर्थी तिथि पर तिल का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन काले तिल का दान करना और शिवलिंग पर अर्पित करना अत्यंत फलदायी होता है। ऐसा माना जाता है कि इससे शनि दोष और कालसर्प दोष जैसी परेशानियां दूर होती हैं।
* **कच्चा दूध:** कच्चे दूध से शिवलिंग का अभिषेक करना एक अत्यंत शुभ कर्म माना जाता है। इससे न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि सुख-समृद्धि की प्राप्ति भी होती है। अभिषेक करते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करना चाहिए।
* **गुड़:** इस शुभ दिन पर शिवलिंग पर गुड़ अर्पित करना चाहिए या फिर गुड़ मिश्रित जल से अभिषेक करना चाहिए। इस उपाय से धन और व्यापार में उन्नति के मार्ग खुलते हैं और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
इन उपायों को करने से भक्त न केवल भगवान गणेश की कृपा से विघ्नों से मुक्ति पाते हैं, बल्कि भगवान शिव की आराधना कर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का अनुभव भी करते हैं।
