खुदीराम बोस की कहानी अब ओटीटी पर, 18 साल के युवा क्रांतिकारी को खास श्रद्धांजलि
देश के सबसे कम उम्र के क्रांतिकारियों में से एक, शहीद खुदीराम बोस के शौर्य और बलिदान को एक खास फिल्म के माध्यम से श्रद्धांजलि दी गई है। प्रसार भारती के डिजिटल प्लेटफॉर्म वेव्स ओटीटी पर इस बायोपिक को रिलीज किया गया है, जिससे दर्शक घर बैठे इस युवा नायक की प्रेरणादायक कहानी से रूबरू हो सकेंगे।
3 दिसंबर, 1889 को जन्मे खुदीराम बोस आज भी जवानी की ऊर्जा, अटूट देशभक्ति और क्रांतिकारी भावना के प्रतीक हैं। महज़ 18 वर्ष की अल्पायु में, उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी और सबसे कम उम्र के शहीदों में अपना नाम दर्ज कराया। जिस निडरता से उन्होंने फाँसी के फंदे को चूमा, वह आज भी रोंगटे खड़े कर देती है।
यह श्रद्धांजलि और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि देश ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का स्मरण कर रहा है। यह वही नारा था जिसे खुदीराम बोस ने लोगों में राष्ट्रवाद और चेतना जगाने के लिए पूरे जोश से अपनाया था। फिल्म उनके मेदिनीपुर जिले के बचपन से लेकर क्रांतिकारी आंदोलनों में उनकी बढ़ती भागीदारी तक के प्रेरणादायक सफर को दर्शाती है। सिस्टर निवेदिता जैसी शख्सियतों के प्रभाव को भी इसमें दिखाया गया है।
फिल्म में ब्रिटिश मजिस्ट्रेट किंग्सफोर्ड की हत्या के प्रयास, उनकी गिरफ्तारी, मुकदमे और 11 अगस्त, 1908 को अत्यंत साहस के साथ फाँसी को गले लगाने जैसी जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं को जीवंत किया गया है।
इस रिलीज पर प्रसार भारती के सीईओ, श्री गौरव द्विवेदी ने कहा, “वेव्स ओटीटी का उद्देश्य भारत की कहानियों को संरक्षित करना है, न कि केवल ट्रेंड्स का पीछा करना। जहाँ अन्य प्लेटफॉर्म वैश्विक सामग्री को प्राथमिकता देते हैं, वहीं हमारा ध्यान भारत के इतिहास, नायकों, भाषाओं और अनुभवों पर केंद्रित है। खुदीराम बोस जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियों को सामने लाना, देश भर के दर्शकों तक सार्थक और राष्ट्र-निर्माण सिनेमा पहुँचाने की हमारी प्रतिबद्धता का हिस्सा है।”
यह फिल्म 3 दिसंबर को, खुदीराम बोस की जयंती के अवसर पर, विशेष रूप से वेव्स ओटीटी पर स्ट्रीम हो रही है। इस महत्वपूर्ण फिल्म में विवेक ओबेरॉय, नासिर, अतुल कुलकर्णी, राकेश, मारिया रवि वर्मा, रवि बाबू, काशी विश्वनाथ और अभिराम जैसे मंझे हुए कलाकार शामिल हैं। फिल्म का निर्देशन विजय जगरलामुडी ने किया है, जबकि डीवीएस राजू ने इसका निर्माण किया है। मणि शर्मा का संगीत और थोटा थरानी का प्रोडक्शन डिजाइन फिल्म को और भी खास बनाते हैं।
