पेड़ काटना अब पड़ेगा महंगा, राजस्थान सरकार ने बढ़ाई दस गुना जुर्माना राशि
राजस्थान सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब राज्य में पेड़ काटना पहले से कहीं अधिक महंगा हो जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राजस्थान जन विश्वास अधिनियम संशोधन-2025 को मंजूरी दी गई है। इस संशोधन के तहत, पेड़ काटने पर लगने वाले जुर्माने की राशि को दस गुना बढ़ा दिया गया है।
पहले जहां पहली बार पेड़ काटने पर मात्र 100 रुपये का जुर्माना था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है। इसी प्रकार, दूसरी बार पेड़ काटने पर लगने वाले 200 रुपये के जुर्माने को भी बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया गया है। यह कदम प्रदेश में वनों की कटाई को रोकने और पर्यावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इस महत्वपूर्ण संशोधन के साथ ही, मंत्रिमंडल ने तीन अन्य कानूनों में भी सजा के प्रावधानों को हटाकर केवल जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है। इनमें पानी एवं सीवरेज का दुरुपयोग शामिल है। पूर्व में पानी की बर्बादी, सीवरेज लाइन में रुकावट डालना या बिना अनुमति सीवरेज लाइन से कनेक्शन जोड़ना एक दंडनीय अपराध था, जिसमें जेल की सजा का भी प्रावधान था। अब इन मामलों में केवल अर्थदंड लगाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, वन भूमि में मवेशी चराने से संबंधित नियमों में भी बदलाव किया गया है। पहले वन भूमि में मवेशी चराने पर छह महीने की सजा और 500 रुपये के जुर्माने का प्रावधान था। अब इस सजा के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है और केवल जुर्माना लगाया जाएगा। यह फैसला विशेष रूप से उन आदिवासी समुदायों और ग्रामीणों के लिए राहत भरा होगा जो अनजाने में या अपनी आजीविका के लिए मवेशियों को वन भूमि में ले जाते थे।
वन संपदा को नुकसान पहुंचाने पर भी पूर्व में छह महीने की सजा का प्रावधान था, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। इसके स्थान पर अब 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यह निर्णय वन संपदा के महत्व को रेखांकित करता है और इसके संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इन संशोधनों से उम्मीद है कि लोग पर्यावरण के प्रति अधिक जागरूक होंगे और नियमों का पालन करेंगे।
