पीएचडी इंटरव्यू में फोटो फर्जीवाड़ा: असली परीक्षार्थी गिरफ्तार
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के अस्थायी कैंपस में पीएचडी साक्षात्कार के दौरान धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बुधवार को साक्षात्कार के लिए पहुंचे एक युवक के एडमिट कार्ड पर किसी दूसरे व्यक्ति की तस्वीर पाई गई, जिससे विश्वविद्यालय प्रशासन को शक हुआ।
विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में मौजूद परीक्षा प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) पर लगी तस्वीर, साक्षात्कार दे रहे युवक के परीक्षा फार्म पर लगी तस्वीर से मेल नहीं खा रही थी। यह विसंगति मामला संदिग्ध लगने पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन माहेश्वरी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और कार्रवाई के लिए तहरीर सौंपी।
पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए युवक ने अपना नाम अंकुश बताया, जो खतौली, मुजफ्फरनगर का निवासी है। वह फिजिकल एजूकेशन विभाग में पीएचडी के लिए साक्षात्कार देने आया था। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. माहेश्वरी, कुलसचिव गिरीश द्विवेदी और साक्षात्कार पैनल के विशेषज्ञों ने जब अंकुश से गहन पूछताछ की, तो उसने खुलासा किया कि वह मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस में गेस्ट लेक्चरर के तौर पर पढ़ाता है।
सिविल लाइन थाना प्रभारी मनीष सक्सेना ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। यह घटना शिक्षा जगत में हो रही अनियमितताओं पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है।
बता दें कि गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में पीएचडी के साक्षात्कार बुधवार से शुरू हुए हैं। यह प्रक्रिया 9 दिसंबर तक चलेगी। पहले दिन 150 में से लगभग 80 प्रतिशत विद्यार्थियों के साक्षात्कार संपन्न हुए। स्थायी कैंपस में साक्षात्कार देने वाले विद्यार्थियों की भारी भीड़ देखी गई।
कुलपति प्रो. सचिन माहेश्वरी ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि परीक्षा फार्म और प्रवेश पत्र पर लगी तस्वीरों का अलग-अलग होना स्पष्ट रूप से फर्जीवाड़े की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि जहां परीक्षा फार्म पर फोटो उसी अभ्यर्थी का था जो साक्षात्कार देने आया था, वहीं प्रवेश पत्र पर किसी अन्य व्यक्ति का फोटो लगा होना यह साबित करता है कि परीक्षा किसी और के द्वारा दी जा रही थी। मामला संदिग्ध पाए जाने पर तत्काल उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
