नाबालिग से दुष्कर्म: किशोर को 20 साल की सजा, 25 हजार का जुर्माना
शाहजहांपुर की अदालत ने एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए किशोर आरोपी को 20 वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया है। अपर जिला जज मनोज कुमार सिद्धू ने दोषी पाए गए किशोर पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। हालांकि, मामले में सह-आरोपी ठेकेदार को पर्याप्त साक्ष्य न होने के कारण दोषमुक्त कर दिया गया है।
यह घटना 23 अप्रैल 2019 को बंडा थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। सूत्रों के अनुसार, पीड़ित नाबालिग के पिता ने बताया था कि उनकी 14 वर्षीय बेटी सुबह करीब आठ बजे धान लगाने के लिए जंगल किनारे खेत में गई थी। पूर्वाह्न लगभग 11 बजे, जब बेटी शौच के लिए जंगल में गई, तो एक किशोर को ठेकेदार ने उसके पीछे भेजा। आरोप है कि उस किशोर ने जंगल में ले जाकर नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। शाम को घर लौटने पर बेटी ने अपनी मां को आपबीती सुनाई।
पीड़िता के पिता की तहरीर पर ठेकेदार और किशोर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस द्वारा की गई विवेचना के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। सरकारी अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह ने बताया कि ठेकेदार के विरुद्ध पुख्ता सबूत पेश नहीं किए जा सके, जिसके चलते उसे दोषमुक्त करार दिया गया। वहीं, किशोर आरोपी के खिलाफ प्रस्तुत किए गए तर्क, साक्ष्य और चिकित्सीय रिपोर्ट के आधार पर उसे दोषी पाया गया।
अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए किशोर आरोपी को कठोर सजा सुनाई है, जो समाज में ऐसे अपराधों के प्रति कड़ा संदेश देती है। इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। इस प्रकार के प्रकरणों में त्वरित और प्रभावी न्याय सुनिश्चित करना न्यायपालिका की प्राथमिकता रही है।
