2 दिसंबर 2025: प्रदोष व्रत और विशेष योग, जानें आज का पंचांग
2 दिसंबर 2025, मंगलवार को मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है, और इस विशेष दिन पर प्रदोष व्रत का आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा-अर्चना करने से साधकों को विशेष फल की प्राप्ति होती है। यह व्रत जीवन में सुख-समृद्धि और शांति लाने वाला माना जाता है।
पंचांग के अनुसार, आज की तिथि शुक्ल द्वादशी तक रहेगी, जो प्रातः 03 बजकर 57 मिनट तक मान्य है। वारियाना योग रात्रि 09 बजकर 08 मिनट तक रहेगा, जो कि शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। करण की बात करें तो बालव करण प्रातः 03 बजकर 57 मिनट तक है, और कौलव करण 03 दिसंबर को प्रातः 02 बजकर 14 मिनट तक रहेगा।
आज का सूर्योदय प्रातः 06 बजकर 57 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त सायं 05 बजकर 24 मिनट पर होगा। चंद्रोदय दोपहर 02 बजकर 29 मिनट पर होगा और चंद्रास्त 03 दिसंबर को प्रातः 04 बजकर 53 मिनट पर होगा। सूर्य वृश्चिक राशि में विराजमान रहेंगे, वहीं चंद्रमा मेष राशि में संचार करेंगे।
आज के शुभ मुहूर्त की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त प्रातः 11 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा, जो कि किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के आरंभ के लिए उत्तम है। अमृत काल दोपहर 02 बजकर 23 मिनट से 03 बजकर 49 मिनट तक रहेगा, इस दौरान किए गए कार्य सिद्ध होते हैं।
हालांकि, कुछ अशुभ समयों का भी ध्यान रखना आवश्यक है। राहुकाल दोपहर 02 बजकर 47 मिनट से 04 बजकर 06 मिनट तक रहेगा, इस दौरान किसी भी नए कार्य का आरंभ न करें। गुलिकाल दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से 01 बजकर 29 मिनट तक और यमगण्ड प्रातः 09 बजकर 34 मिनट से 10 बजकर 52 मिनट तक रहेगा।
आज चंद्रदेव अश्विनी नक्षत्र में रहेंगे, जो रात्रि 08 बजकर 51 मिनट तक प्रभावी रहेगा। अश्विनी नक्षत्र के स्वामी केतु देव हैं और इसके देवता अश्विनी कुमार हैं। इस नक्षत्र से जुड़े जातकों में सुंदर व्यक्तित्व, तेज बुद्धि, नेतृत्व क्षमता और जोशीलापन जैसे गुण पाए जाते हैं। यह नक्षत्र यात्रा और खेल-कूद के लिए भी शुभ माना जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार, प्रदोष व्रत के दिन इन शुभ योगों का संयोग महादेव की कृपा प्राप्त करने और जीवन की बाधाओं को दूर करने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
