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पंचायत सहायक की एसआईआर में ड्यूटी, सरकारी भवन पर लटका ताला

By Dec 1, 2025

उत्तर प्रदेश के विकास खंड इटवा में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में एक अजीबोगरीब समस्या सामने आई है, जहां पंचायत सहायकों की ड्यूटी एसआईआर (State Information Repository) में लगा दी गई है, जिसके कारण स्थानीय पंचायत भवनों का संचालन ठप पड़ गया है। कई ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों पर ताला लटका हुआ है, जिससे ग्रामीणों को अपने छोटे-मोटे सरकारी कामों के लिए तहसील और ब्लॉक कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इस स्थिति ने सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवनों का निर्माण इसी उद्देश्य से कराया गया था कि वहां कंप्यूटर और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध रहेंगे, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर ही अपने काम करवाने की सुविधा मिल सके। लेकिन वर्तमान स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। सोमवार को जब इटवा ब्लॉक की कुछ ग्राम पंचायतों का जायजा लिया गया, तो स्थिति चिंताजनक पाई गई।

ग्राम पंचायत खरीकवा में करीब 13 साल पहले बना पंचायत भवन जर्जर हालत में है। इसकी दीवारें फट गई हैं और बिजली व्यवस्था भी ध्वस्त हो चुकी है। यहां के पंचायत सहायक ने बताया कि जर्जर भवन के कारण वे कंप्यूटर और अन्य सरकारी सामान अपने घर पर रखकर वहीं से काम कर रहे हैं।

वहीं, ग्राम पंचायत मुड़िलिया के पंचायत भवन में ताला लटका मिला। आश्चर्यजनक रूप से, इसके बरामदे में एक आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होता पाया गया। पता चला कि आंगनबाड़ी केंद्र के पास अपना भवन नहीं है और जगह की कमी के चलते यह बरामदे में चल रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनुपस्थित थीं, लेकिन सहायिका बच्चों को पढ़ाती हुई मिलीं।

ग्राम पंचायत हरीजोत पदमपुर में सुबह 11:15 बजे तक पंचायत भवन बंद मिला। न तो सचिव और न ही पंचायत सहायक मौके पर मौजूद थे। ग्रामीणों की मानें तो भवन बंद रहने से उन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भवन बंद होने के कारण यह भी पता नहीं चल सका कि अंदर कंप्यूटर और अन्य सुविधाएं मौजूद हैं या नहीं।

इस संबंध में इटवा के सहायक विकास अधिकारी, आशुतोष मिश्र ने स्वीकार किया कि सभी पंचायत सहायकों की ड्यूटी एसआईआर में लगी होने के कारण संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी को निर्देश दिए जाएंगे कि पंचायत भवनों का संचालन नियमित और बेहतर तरीके से सुनिश्चित कराएं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि एसआईआर में ड्यूटी लगने का क्या औचित्य है और इसके कारण स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को कैसे दूर किया जाएगा।

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