किर्गिस्तान में फंसे पीलीभीत के 12 श्रमिक, बंधक बनाकर मांगी 5 लाख की फिरौती
किर्गिस्तान में मजदूरी के लिए गए उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के 12 भारतीय श्रमिक बंधक बना लिए गए हैं। इन श्रमिकों ने एक मार्मिक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती सुनाई है। वीडियो में वे बता रहे हैं कि उन्हें वहां न तो ठीक से खाना दिया जा रहा है और न ही उन्हें वापस आने दिया जा रहा है। उन्हें बंधक बनाकर मारपीट की जा रही है और घर वापसी के लिए 5 लाख रुपये की फिरौती की मांग की जा रही है।
श्रमिकों के परिजनों ने इस गंभीर मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की है। उन्होंने बताया कि कुछ एजेंटों ने इन युवाओं को अच्छी नौकरी का झांसा देकर विदेश भेजा था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उनके साथ धोखा हुआ। परिजनों का आरोप है कि एजेंटों ने अनुबंध के नियमों का उल्लंघन किया और अब श्रमिकों को रिहा कराने के लिए मोटी रकम मांगी जा रही है।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। सीओ सिटी को तीन दिन के अंदर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। जिन 12 श्रमिकों के फंसे होने की खबर है, वे गजरौला, बरखेड़ा, दियोरियां कला, पूरनपुर और बिलसंडा आदि क्षेत्रों से ताल्लुक रखते हैं। उनके परिजन एसपी कार्यालय पहुंचकर अपनी व्यथा बता रहे हैं और अपने प्रियजनों की सकुशल वापसी की गुहार लगा रहे हैं।
पीड़ित श्रमिकों के परिवारों ने बताया कि उनके करीबियों को 59 दिनों के वीजा पर भेजा गया था, लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें गलत अनुबंधों में फंसाया गया। जब उन्होंने वहां से लौटने की बात कही तो उन्हें धमकाया गया और पांच लाख रुपये की मांग की गई। श्रमिकों का कहना है कि उनके साथ पशुओं जैसा व्यवहार किया जा रहा है और उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
जब श्रमिकों ने हिम्मत करके एक वीडियो जारी किया, तो परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया। इस बीच, स्थानीय एजेंटों द्वारा यह सूचना किर्गिस्तान में दिए जाने पर वहां दूतावास की टीम ने श्रमिकों से पूछताछ की। श्रमिकों के परिजन चाहते हैं कि सरकार उनके प्रियजनों को वहां से सुरक्षित निकालने में मदद करे। वापस लौटे कुछ श्रमिकों ने भी बताया है कि उन्हें गलत जानकारी देकर और झांसा देकर विदेश भेजा गया था, और इस धंधे में स्थानीय स्तर पर दो लोग सक्रिय हैं। परिजनों ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस अधीक्षक ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है और उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने की कोशिशें जारी हैं।
