मतदाता सूची पुनरीक्षण की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 11 दिसंबर तक जमा होंगे फॉर्म
भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत महत्वपूर्ण चरणों की तिथियों में सात दिनों का विस्तार किया है। पहले चार दिसंबर तक जमा किए जाने वाले गणना फार्म और संबंधित कार्यों की समयसीमा को बढ़ाकर अब 11 दिसंबर कर दिया गया है। यह निर्णय आयोग के 27 अक्टूबर 2025 के पुराने आदेश में संशोधन के बाद लागू किया गया है।
यह अभियान उत्तर प्रदेश के साथ-साथ 12 अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी चल रहा है। इन प्रदेशों में अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इस विस्तार से मतदाताओं को अपने नाम सूची में जुड़वाने, हटवाने या उनमें सुधार करवाने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, मतदान केंद्रों का पुनर्व्यवस्थापन अब 11 दिसंबर तक पूरा किया जाएगा। रविवार को भी सभी परिषदीय विद्यालयों में बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) द्वारा एसआईआर का कार्य जारी रहेगा। अभियान को गति देने के लिए ‘बीएलओ ऑफ द डे’ जैसे प्रोत्साहन कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।
नई अनुसूची के तहत, ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 12 से 15 दिसंबर के बीच किया जाएगा। इसके बाद, मतदाताओं द्वारा दावे और आपत्तियां 16 दिसंबर से 15 जनवरी 2026 तक स्वीकार की जाएंगी। सभी प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण सात फरवरी 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। मतदाता सूची से संबंधित रिपोर्ट 10 फरवरी तक प्रेषित की जाएगी। अंततः, अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 14 फरवरी 2026 को किया जाएगा।
इस विस्तार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक योग्य नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवा सकें और कोई भी पात्र मतदाता इससे वंचित न रह जाए। कई राज्यों में राजनीतिक दलों द्वारा भी समयसीमा बढ़ाने की मांग की जा रही थी, ताकि अधिक से अधिक लोगों को प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिल सके।
