शिक्षक ने एसआइआर काम के दबाव में की आत्महत्या, सुसाइड नोट में बयां किया दर्द
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के कार्य के भारी दबाव के चलते एक शिक्षक ने अपनी जान दे दी। ग्राम बहेड़ी ब्राह्मन निवासी सर्वेश कुमार, जो जाहिदपुर कंपोजिट विद्यालय में शिक्षक थे, को एसआइआर कार्य के लिए बूथ नंबर 406 का बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) बनाया गया था। कार्य के बोझ और लक्ष्य पूर्ण न कर पाने के तनाव ने उन्हें इतना तोड़ दिया कि उन्होंने रविवार की सुबह अपने कमरे में फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली।
घटना का पता तब चला जब रविवार की सुबह परिवार वालों ने सर्वेश कुमार को उनके कमरे में पंखे से लटका हुआ देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से सर्वेश कुमार द्वारा लिखा गया एक सुसाइड नोट बरामद किया। यह सुसाइड नोट तीन पृष्ठों का बताया जा रहा है, जिसे उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी को संबोधित किया था।
सुसाइड नोट में शिक्षक ने एसआइआर गणना-प्रपत्र का टारगेट पूर्ण न होने के संबंध में अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने लिखा कि यह काम उन्हें पहली बार मिला था और इसकी पूरी जानकारी न होने के कारण, अथक प्रयास के बावजूद वे अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर पा रहे थे। इस कारण वे अत्यधिक परेशान थे और उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था, जिसके चलते उन्हें यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा।
सर्वेश कुमार ने नोट में अपने परिवार के प्रति गहरा लगाव और उनका हौसला बढ़ाने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, “मेरे परिवार ने बहुत हौसला बढ़ाया, मगर मैं हार गया।” उन्होंने यह भी अपील की कि उनके न रहने के बाद किसी भी व्यक्ति पर कोई दोष न लगाया जाए। उन्होंने कहा कि कहने को तो बहुत कुछ बाकी है, पर समय कम है और उन्होंने सबको माफ करने की बात कही।
अपने विद्यालय के बच्चों के प्रति भी उन्होंने स्नेह व्यक्त किया और उन्हें खूब प्यार देने की बात कही। उन्होंने लिखा, “मैं जीना तो चाहता हूं, पर क्या करूं। मुझे बहुत बेचैनी व घुटन एवं खुद को डरा महसूस कर रहा हूं।” उन्होंने अपनी चार छोटी बेटियों का विशेष रूप से ख्याल रखने की गुहार लगाई और कहा कि वे बहुत मासूम हैं। सुसाइड नोट लिखते समय भी वे अत्यधिक पीड़ा महसूस कर रहे थे।
शिक्षक के इस कदम से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके परिवार में मातम का माहौल है। एसआइआर जैसे प्रशासनिक कार्यों के दबाव और उसके कारण होने वाली मानसिक प्रताड़ना को लेकर यह घटना कई सवाल खड़े करती है। प्रशासन इस मामले की गहनता से जांच कर रहा है।
