30 साल बाद पहली बार धर्मेंद्र के घर पहुंचीं ईशा देओल, छुए सौतेली मां के पैर
दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन ने फिल्म इंडस्ट्री में एक गहरी छाप छोड़ी है, और उनके प्रशंसकों तथा सहकर्मियों द्वारा उनसे जुड़ी अनमोल यादें साझा की जा रही हैं। धर्मेंद्र ने दो शादियां कीं और अपने दोनों परिवारों को संभालने का प्रयास किया, हालांकि हेमा मालिनी का परिवार अक्सर देओल परिवार के अन्य सदस्यों से अलग ही रहा।
धर्मेंद्र ने 1954 में प्रकाश कौर से विवाह किया, जिनसे उनके चार बच्चे – सनी, बॉबी, विजेता और अजीता हुए। इसके कई वर्षों बाद, 1980 में उन्होंने अभिनेत्री हेमा मालिनी से दूसरी शादी की, जिनसे उन्हें ईशा और अहाना दो बेटियां हुईं। धर्मेंद्र ने अपनी दूसरी शादी को लेकर काफी चर्चाएं बटोरीं, लेकिन उन्होंने कभी भी प्रकाश कौर को तलाक नहीं दिया और दोनों परिवारों के बीच एक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की। उनका पहला परिवार पुराने घर में रहता था, और हेमा मालिनी का परिवार उनसे एक सम्मानजनक दूरी बनाए रखता था। यह व्यवस्था दशकों तक यूं ही चलती रही, लेकिन एक खास घटना ने इस दूरी को कुछ पल के लिए कम किया।
यह अवसर 2015 में आया, जब धर्मेंद्र के बड़े भाई अजीत देओल, जो अभिनेता अभय देओल के पिता भी हैं, गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। अजीत देओल का इलाज उनके पुराने पारिवारिक घर में ही चल रहा था, जहां धर्मेंद्र का पहला परिवार रहता था। ईशा देओल और अहाना देओल का अपने चाचा अजीत देओल और चचेरे भाई अभय देओल से गहरा लगाव था।
अपनी किताब ‘हेमा मालिनी: बियॉन्ड द ड्रीम गर्ल’ में ईशा देओल ने उस मुलाकात का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा, “मैं अपने चाचा से मिलना चाहती थी और उनका हालचाल जानना चाहती थी। वे मुझे और अहाना को बहुत प्यार करते थे, और हम अभय के भी बहुत करीब थे। हमारे पास उनके घर जाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था, क्योंकि वे अस्पताल में नहीं थे। इसलिए मैंने सनी भैया को फोन किया, और उन्होंने मिलने की पूरी व्यवस्था कर दी।”
इसी मुलाकात के दौरान ईशा देओल की मुलाकात अपनी सौतेली मां और धर्मेंद्र की पहली पत्नी, प्रकाश कौर से हुई। उस पल, ईशा ने प्रकाश कौर के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया, जो उस समय की एक महत्वपूर्ण और भावुक घटना थी। यह घटना दर्शाती है कि पारिवारिक रिश्ते कितने भी जटिल क्यों न हों, कुछ अवसर ऐसे आते हैं जब मानवीय भावनाएं और सम्मान सभी दूरियों को मिटा देते हैं।
