दिल्ली ब्लास्ट कनेक्शन: नैनीताल से तीन हिरासत में, एनआईए की बड़ी कार्रवाई
दिल्ली में हुए हालिया ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उत्तराखंड के नैनीताल जिले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एजेंसी ने हल्द्वानी और नैनीताल से तीन संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया है, जिनमें दो इमाम और एक इलेक्ट्रीशियन शामिल हैं। यह कार्रवाई दिल्ली ब्लास्ट के आरोपियों के नैनीताल से जुड़े संभावित कनेक्शन के खुलासे के बाद की गई है।
सूत्रों के अनुसार, एनआईए की टीम ने हल्द्वानी के संवेदनशील माने जाने वाले बनभूलपुरा क्षेत्र में देर रात छापा मारकर बिलाल मस्जिद के इमाम मौलाना मो. आसिम कासमी और जवाहर नगर निवासी इलेक्ट्रीशियन नजर कमाल को हिरासत में लिया। वहीं, नैनीताल के तल्लीताल क्षेत्र से भी बूचड़खाना स्थित मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद नईम को उठाया गया है। इन सभी से एक गुप्त स्थान पर गहन पूछताछ की जा रही है।
जांच एजेंसियों को दिल्ली ब्लास्ट के मुख्य आरोपी के उत्तराखंड के नैनीताल से जुड़े होने के संकेत मिले थे। आरोपियों की कॉल डिटेल खंगालने पर कुछ संदिग्ध नंबर उत्तराखंड से मिले थे, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। इस मामले में आतंकी फंडिंग और स्लीपर सेल की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है। इससे पहले, कुमाऊं के पिथौरागढ़ जिले में भी पुलिस ने एक महिला को हिरासत में लिया था, जिसे बाद में छोड़ दिया गया था।
संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी प्रकार के तनाव को देखते हुए, बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात और शनिवार सुबह से ही पुलिस की भारी मौजूदगी देखी गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है और एनआईए, एसटीएफ के साथ मिलकर स्थानीय पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है।
यह भी पता चला है कि बनभूलपुरा क्षेत्र में कुछ ऐसे संदिग्ध व्यक्ति भी सक्रिय हो सकते हैं जो स्लीपर सेल की तरह काम करते हैं। हाल ही में दिल्ली पुलिस ने इसी क्षेत्र से पांच ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया था, जो साइबर ठगी के पैसों को अपने खातों में रखते थे और उन्हें अन्य खातों में ट्रांसफर करने का काम करते थे। इन सबके बीच, हिरासत में लिए गए इमामों और इलेक्ट्रीशियन से पूछताछ के बाद ही इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी कि उनका दिल्ली ब्लास्ट से क्या संबंध है।
