जमुई के सिमुलतला जंगल से मिले हथियार और विस्फोटक, सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी
जमुई जिले के सिमुलतला थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सिमुलतला स्थित घोरपारण जंगल के पास पटुआ नाला से सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की टीम ने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। यह बरामदगी गुप्त सूचना के आधार पर चलाए गए एक डी-माइनिंग ऑपरेशन के दौरान हुई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है।
सूत्रों के अनुसार, 16वीं वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट के निर्देशन और निरीक्षक प्रदीप कुमार वर्मन के नेतृत्व में एसएसबी की एक टीम ने शनिवार की सुबह इलाके में गहन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान जवानों को एक लावारिस बोरे में संदिग्ध वस्तुएं मिलीं। सतर्कता बरतते हुए टीम ने तुरंत पूरे इलाके की घेराबंदी की और मामले की सूचना वरीय अधिकारियों को दी।
सूचना मिलते ही मुजफ्फरपुर से बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीडीएस) की टीम मौके पर पहुंची। सहायक निरीक्षक लाल बहादुर यादव के नेतृत्व में बीडीडीएस टीम ने संदिग्ध सामग्री की बारीकी से जांच की। जांच में एक देसी मस्कट रायफल (लॉन्ग बैरल), तीन कमर्शियल डेटोनेटर, लगभग 700 ग्राम अमोनियम नाइट्रेट, चार नोजल स्टिक, एक 8 एमएम लाइव राउंड, दो 12 बोर लाइव राउंड, पांच 12 बोर खाली खोखे और पांच देसी मेड बम/हथगोले बरामद किए गए।
बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए बरामद किए गए सभी विस्फोटकों को घटनास्थल के पास ही सावधानीपूर्वक नष्ट कर दिया। विस्फोटकों को नष्ट करने के बाद, जले हुए बारूद के नमूने रासायनिक जांच के लिए सिमुलतला थाना पुलिस को सौंप दिए गए हैं। इस संयुक्त अभियान में सिमुलतला थानाध्यक्ष धनंजय कुमार और अवर निरीक्षक नीलम कुमारी सहित पुलिस बल भी मौजूद रहा।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह इलाका पूर्व में माओवादी गतिविधियों के लिए जाना जाता रहा है। आशंका जताई जा रही है कि ये हथियार और विस्फोटक पुराने समय में माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए होंगे। यह भी संभव है कि जंगल के अन्य इलाकों में तलाशी अभियान चलाने पर और भी सामग्री बरामद हो सकती है। गौरतलब है कि इसी वर्ष फरवरी माह में भी एसएसबी ने इसी इलाके से लगभग 45 किलो विस्फोटक बरामद किया था, जो इस क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की ओर इशारा करता है।
