उत्तराखंड में भू-माफियाओं पर चला प्रशासन का बुलडोजर, अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
उत्तराखंड में अवैध निर्माण और भू-माफियाओं के खिलाफ प्रशासन का अभियान तेज हो गया है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शुक्रवार को प्राधिकरण क्षेत्र में बेतहाशा बढ़ रहे अवैध निर्माणों, गैरकानूनी प्लॉटिंग और बिना स्वीकृत मानचित्र के बनाए जा रहे ढांचों के विरुद्ध एक बड़ा अभियान चलाया। इस दौरान देहरादून, मसूरी, विकासनगर और शेरपुर जैसे इलाकों में एमडीडीए की टीमों ने कई अवैध निर्माणों को सील कर दिया, जबकि कई अन्य को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया।
एमडीडीए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण या बिना अनुमति की प्लॉटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभियान के तहत पहली कार्रवाई कैंपटी फाल-मसूरी रोड पर की गई, जहाँ खुशहाल सिंह द्वारा अवैध रूप से एक व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा था। बिना मानचित्र स्वीकृति के हो रहे इस निर्माण को मौके पर सील कर दिया गया।
इसके बाद हबर्टपुर में लखन सिंह और जगवीर सिंह द्वारा विवेकानंद अस्पताल के निकट लगभग 20 बीघा भूमि पर की गई अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर चलाया गया। इस क्षेत्र में अवैध कालोनियों के निर्माण की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसी क्रम में कल्याणपुर-पांवटा रोड क्षेत्र में प्रवीन बंसल की ओर से लगभग 15 से 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को भी ध्वस्त कर दिया गया। शेरपुर सेलाकुई क्षेत्र में भी जब्बार अली की 30 बीघा जमीन पर चल रही अवैध प्लॉटिंग को बुलडोजर से हटा दिया गया। यह क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और अवैध कालोनियों के बढ़ते प्रसार को देखते हुए एमडीडीए ने इसे विशेष निगरानी में रखा है।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के खिलाफ यह अभियान आगे भी अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी संपत्ति को खरीदने से पहले उसकी विधिक स्थिति की पूरी तरह जांच कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े। प्राधिकरण बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे सभी आवासीय और व्यावसायिक निर्माणों पर कड़ी नजर रख रहा है।
