लेखपाल सुधीर की मौत पर लेखपाल संघ में आक्रोश, आर्थिक सहायता की मांग
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की सहावर इकाई ने जनपद फतेहपुर में लेखपाल सुधीर कुमार के साथ हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया है। अधिकारियों के कथित तौर पर बदलते व्यवहार और दबाव के कारण लेखपाल सुधीर कुमार द्वारा आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। इस घटना के विरोध में लेखपाल संघ के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सहावर को सौंपा है।
ज्ञापन में लेखपाल संघ ने बताया कि फतेहपुर में तैनात लेखपाल सुधीर कुमार को अपनी शादी जैसे व्यक्तिगत समारोह के लिए भी अवकाश स्वीकृत नहीं किया गया। जब वह अपनी शादी संपन्न कराने में व्यस्त थे, तब कथित तौर पर अधिकारियों ने उनके घर पहुंचकर उन्हें डराया-धमकाया और निलंबन की कार्रवाई की चेतावनी दी। इस अत्यधिक दबाव और उत्पीड़न के चलते लेखपाल सुधीर कुमार ने अपनी जान दे दी, जिससे दो परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं।
लेखपाल संघ ने अपनी मांगों में स्पष्ट किया है कि सुधीर कुमार की मौत के मामले में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में नामजद सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, मृतक के आश्रित परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए और परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
इस ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम में तहसील अध्यक्ष कुलदीप कुमार, सचिव वीरेंद्र सिंह, दिनेश कुमार, सुमित कुमार गुप्ता, कुशाग्र माहेश्वरी, जिकरुल हसन, अमित सक्सेना सहित कई अन्य लेखपाल उपस्थित रहे।
वहीं, इस मुद्दे पर लेखपाल संघ को राजनीतिक समर्थन भी मिला है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ तहसील पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज पांडेय और एआईसीसी सदस्य मुनेंद्र पाल सिंह ने लेखपाल संघ की मांगों का पुरजोर समर्थन करते हुए सहयोग का आश्वासन दिया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी संगठन लेखपालों के साथ खड़ा है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
