चीन को भारत का कड़ा जवाब, मोरक्को से खाद आपूर्ति सुनिश्चित, ड्रैगन हैरान
चीन द्वारा भारत को उर्वरक निर्यात रोकने की धमकियों के बीच, भारत ने एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम उठाते हुए मोरक्को के साथ अपनी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर ली है। इस साहसिक कदम से चीन की उन चालों पर पानी फिर गया है जिनका उद्देश्य भारतीय किसानों को खाद की आपूर्ति में बाधा पहुंचाना था। भारत ने न केवल अपने पुराने आपूर्तिकर्ता OCP ग्रुप के साथ संबंध मजबूत किए हैं, बल्कि भविष्य की आपूर्ति के लिए भी ठोस व्यवस्था कर ली है।nnविदेश मंत्रालय की सचिव (दक्षिण) नीना मल्होत्रा के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में मोरक्को की राजधानी रबात में OCP ग्रुप के चेयरमैन और सीईओ मुस्तफा टेराब से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत के लिए उर्वरक और फॉस्फेट की दीर्घकालिक रणनीतिक आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करना था। दोनों देशों के बीच उर्वरक सप्लाई चेन में संयुक्त उद्यम, टिकाऊ कृषि, मिट्टी के स्वास्थ्य में सहयोग और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।nnसूत्रों के अनुसार, OCP ग्रुप, जो 100 वर्षों से अधिक समय से भारत का एक विश्वसनीय उर्वरक और फॉस्फेट आपूर्तिकर्ता रहा है, भारत को अपनी आपूर्ति बढ़ाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। OCP की भारत की अग्रणी उर्वरक कंपनी परदीप फॉस्फेट्स में 28% हिस्सेदारी है। इसके अलावा, चंबल फर्टिलाइजर्स के साथ इसका संयुक्त उद्यम ‘इंडो-मारोक फॉस्फोर एसए’ भारत में उर्वरक उत्पादन के लिए आवश्यक कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित करता है।nnOCP ग्रुप भारत की रॉक फॉस्फेट आयात का एक बड़ा हिस्सा, फॉस्फोरिक एसिड आयात का एक तिहाई, डीएपी (डाई-अमोनियम फॉस्फेट) आयात का एक महत्वपूर्ण भाग और ट्रिपल सुपर फॉस्फेट (TSP) की 100% आवश्यकता पूरी करता है। वर्ष 2025 के लिए कंपनी ने 15 लाख टन डीएपी और 10 लाख टन टीएसपी की आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समझौते किए हैं। यह समझौता भारत की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो सीधे तौर पर किसानों की समृद्धि से जुड़ा है।nnमोरक्को, उत्तर अफ्रीका में भारत का एक प्रमुख सुरक्षा और व्यापारिक साझेदार बनकर उभर रहा है। दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में संबंध लगातार प्रगाढ़ हो रहे हैं। वर्तमान में 40 से अधिक समझौते दोनों देशों के बीच लागू हैं, जिनमें रक्षा उत्पादन जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग भी शामिल है। इस बैठक के दौरान, सचिव मल्होत्रा ने मोरक्को के उद्योग एवं व्यापार मंत्रालय में विदेश व्यापार राज्य सचिव उमर हजीरा से भी मुलाकात की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार और वाणिज्यिक सहयोग की समीक्षा की और दवा, ऑटोमोबाइल, आईटी सेवाएं, कपड़ा और कृषि-प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में व्यापार बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की।”
पर चर्चा की। यह बहुआयामी साझेदारी भारत की आर्थिक और कूटनीतिक स्थिति को मजबूत करती है।
