मोक्षदा एकादशी 2025: धन-समृद्धि के लिए करें मां लक्ष्मी के विशेष मंत्रों का जाप
मोक्षदा एकादशी हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो हर साल अगहन महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से साधक को जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। इतना ही नहीं, ऐसा माना जाता है कि इस एकादशी का व्रत रखने से घर में कभी भी धन और दौलत की कमी नहीं रहती।
इस वर्ष मोक्षदा एकादशी का पर्व विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह धन और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी को समर्पित है। इस शुभ अवसर पर मां लक्ष्मी के 108 नामों का जाप करना अत्यंत फलदायी होता है। ऐसा माना जाता है कि इन नामों का स्मरण करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों पर धन की वर्षा करती हैं। यह अनुष्ठान न केवल आर्थिक बाधाओं को दूर करता है, बल्कि घर में सुख-समृद्धि और शांति का संचार भी करता है।
शास्त्रों के अनुसार, मोक्षदा एकादशी का व्रत रखने वाले व्यक्ति को मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह दिन भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है और उनकी कृपा प्राप्त करने का सर्वोत्तम समय माना जाता है। मां लक्ष्मी के 108 नामों में से एक महत्वपूर्ण नाम है ‘ऊँ सर्वभूत-हितप्रदायै नम:’, जिसका अर्थ है ‘सभी प्राणियों के कल्याण के लिए वरदान देने वाली’। इस मंत्र का जाप करने से न केवल व्यक्तिगत लाभ होता है, बल्कि दूसरों के प्रति करुणा और सेवा भाव भी जागृत होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मोक्षदा एकादशी पर सच्चे मन से की गई पूजा और मंत्र जाप का प्रभाव वर्ष भर बना रहता है। यह दिन नए सिरे से शुरुआत करने और अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने का अवसर प्रदान करता है। भक्तजन इस दिन व्रत रखकर, दान-पुण्य करके और भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी की आराधना करके पुण्य अर्जित करते हैं।
