वाराणसी कफ सिरप प्रकरण: अजय राय ने न्यायिक जांच और संपत्ति की जांच की मांग की
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मंगलवार को वाराणसी में एक प्रेस वार्ता के दौरान कफ सिरप प्रकरण को लेकर प्रदेश सरकार पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
राय ने कहा कि इस प्रकरण में ड्रग लाइसेंस जारी करने वाले सरकारी अधिकारी नरेश मोहन मास्टरमाइंड हैं और उनकी गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की भी पुरजोर वकालत की। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का आरोप है कि इस कफ सिरप कांड में कई बड़े राजनेता भी शामिल हैं और यदि निष्पक्ष जांच हुई तो उनकी संलिप्तता भी सामने आ जाएगी। इसलिए, इस प्रकरण से जुड़े सभी लोगों की संपत्ति की भी जांच कराई जानी चाहिए ताकि ड्रग माफियाओं के गठजोड़ का पर्दाफाश हो सके।
प्रेस वार्ता में अजय राय ने सरकार पर अन्य गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल भाजपा को पहुंचाया जा रहा है। इसके साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) पर दबाव डालकर गैर-भाजपाई वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने चिंता जताई कि इस दबाव के चलते बीएलओ आत्महत्या करने तक को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दालमंडी जैसे इलाकों में लोगों को जबरन प्रताड़ित किया जा रहा है। अजय राय ने इन तमाम मुद्दों का हवाला देते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा कि सरकार की नीतियां जनता के हित में नहीं हैं।
