बुलंदशहर में प्रदूषण से मिली राहत, AQI रेड जोन से बाहर
बुलंदशहर में वायु प्रदूषण के स्तर में आई कमी से स्थानीय निवासियों को कुछ राहत महसूस हो रही है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अब रेड जोन से बाहर निकलकर ऑरेंज जोन में आ गया है, जो ‘खराब’ श्रेणी को दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुधार मौसम के अनुकूल होने और स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए की जा रही कार्रवाइयों का परिणाम है।
सूत्रों के अनुसार, दिवाली के बाद से लगातार बढ़ रहा प्रदूषण इस समय 27 अंकों की गिरावट के साथ 279 AQI पर दर्ज किया गया है, जो शाम चार बजे के बाद केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की रिपोर्ट में सामने आया। हालांकि यह स्तर अभी भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जा रहा है, लेकिन पिछली खतरनाक स्थिति से यह निश्चित रूप से बेहतर है।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी विमल कुमार ने बताया कि मौसम में आ रहे बदलाव, जैसे हवा का रुख और तापमान में गिरावट, प्रदूषण कणों को फैलने में मदद कर रहे हैं। इसके साथ ही, प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही निरंतर कार्रवाई भी प्रभावी साबित हो रही है। इसमें कूड़ा जलाने पर रोक, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपाय और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के प्रयास शामिल हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, सर्दी का असर बढ़ने लगा है। बुधवार को सुबह और शाम के समय ठंड का अनुभव हुआ, जबकि दिन में कोहरे का प्रभाव बना रहा। हालांकि, दिन चढ़ने पर धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिली। न्यूनतम तापमान 07 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, दोनों में एक डिग्री की गिरावट आई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में कोहरा छाने के साथ तापमान में और गिरावट आ सकती है।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि AQI के ऑरेंज जोन में होने के बावजूद, संवेदनशील व्यक्तियों, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। घर से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करना और बाहरी गतिविधियों को सीमित रखना फायदेमंद हो सकता है। वायु गुणवत्ता के इस सुधार को बनाए रखने के लिए जनभागीदारी और निरंतर प्रयासों की आवश्यकता है।
