मेडिकल कॉलेज से 5 सीनियर छात्रों को रैगिंग के आरोप में निकाला गया
स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग का मामला प्रकाश में आया है। परिचय के नाम पर सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों से अभद्र व्यवहार करने की शिकायत कॉलेज प्रशासन को मिली थी। पीड़ित छात्रों ने ऑनलाइन एंटी रैगिंग सेल में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की। जांच समिति ने पीड़ित छात्रों के साथ-साथ छात्रावास के सुरक्षा गार्डों और कर्मचारियों के भी बयान दर्ज किए। जांच में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र प्रयांशु जायसवाल, रितिक तिवारी, उज्ज्वल त्यागी, शिवा चौधरी और एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र रितेश मित्तल पर जूनियर छात्रों से रैगिंग करने के आरोप सही पाए गए।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. योगेश गोयल ने बताया कि सत्र 2025 के चार छात्रों ने एंटी रैगिंग सेल में अलग-अलग तिथियों को ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कराई थीं। आरोपों की पुष्टि होने के बाद, कॉलेज प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए पांचों आरोपित छात्रों को 27 नवंबर से अगले एक महीने की अवधि के लिए कॉलेज से निष्कासित कर दिया है।
निष्कासन अवधि के दौरान, इन छात्रों को कॉलेज द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षाओं में शामिल होने की अनुमति दी गई है। हालांकि, उन्हें परीक्षा के समय छात्रावास परिसर और केंद्रीय पुस्तकालय में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। कॉलेज प्रशासन ने आरोपित छात्रों के अभिभावकों को दो दिसंबर को दोपहर 12 बजे समिति के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश भी दिया है।
प्राचार्य ने इस मामले पर जोर देते हुए कहा कि कॉलेज परिसर में किसी भी स्तर पर रैगिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुशासनहीनता करने वाले छात्रों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई कॉलेज में शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
